गुरुग्राम। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, तो 80 मरीजों में डेंगू के संदिग्ध लक्षण देखने को मिले हैं। इन मरीजों की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि, डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीम अपने स्तर से कार्य कर रही है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 4 लाख से ज्यादा घरों का सर्वे कर मच्छरों के लार्वा की जांच कर चुका है। वहीं 3 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
डेंगू के मरीजों की रफ्तार किस गति से बढ़ी है, इसका पता इसी से चलता है कि एक माह पहले तक जिले में डेंगू का एक भी मरीज नहीं था लेकिन पिछले 25 दिन में 29 नए मरीज आ गए जबकि 80 संदिग्ध मरीजों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। वहीं, सोहना, पटौदी, मानेसर समेत ग्रामीण इलाकों व कस्बाई क्षेत्रों में डेंगू को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन अभियान भी नहीं चला रहा है।
चिंता की बात यह भी है कि कुछ मरीजों में कोरोना के लक्षण भी देखने को मिले हैं लेकिन डेंगू व कोरोना दोनों से ही पीड़ित अब तक एक भी मरीज सामने नहीं आया है। मालूम हो कि एक माह पहले तक जिले में डेंगू का एक भी मरीज नहीं था, जिसको लेकर नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा था।
सीएमओ ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव ने डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को कई दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके तहत घरों में मच्छरों के लार्वा की जांच के साथ ही मच्छर मारने वाली दवा डेल्टामेथरिन, पायरेठट्रम, टेमीफोस आदि दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है ताकि मच्छरों का लार्वा न पनप सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को घर-घर जाकर जागरूक भी कर रही है। शहरी क्षेत्रों में जांच के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में पड़ने वाले जोहड़, तालाबों में गंबूजिया मछलियों को डाला जा रहा हैं।