हरियाणा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच हजार पुलिसकर्मियों की 102 टीमों के साथ हरियाणा के मेवात में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। नूंह के 14 गांव के 300 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया। पुलिस ने 207 साइबर ठग पकड़े हैं। ठगी में इस्तेमाल हो रहे 65 फर्जी सिम, 128 एटीएम, स्मार्टफोन्स, लैपटॉप, आधार कार्ड जब्त किए गए हैं।
हरियाणा का जामताड़ा बनते जा रहे मेवात क्षेत्र से संचालित हो रही साइबर ठगी के खिलाफ प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ मिलकर 207 साइबर ठगों को पकड़ा है। 47 को गिरफ्तार किया है, जबकि 160 को हिरासत में लिया गया है।
विज्ञापन
गिरफ्तार किया गया एक बदमाश चार राज्यों में वांछित 10 हजार का इनामी नूंह के गांव जैवंत से गिरफ्तार हुआ है। साबिर उर्फ भुट्टू नामक यह बदमाश मूल रूप से मथुरा के कोसी का रहने वाला है। इस अभियान में पांच हजार पुलिसकर्मियों की 102 टीमों ने नूंह के 14 गांवों में 300 ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की।
आधी रात से सुबह तक करीब छह घंटे चले इस अभियान में पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल हो रहे 65 सिम, 128 एटीएम, स्मार्टफोन्स, लैपटॉप, आधार कार्ड जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस ने 14 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। भोंडसी स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसटीएफ के डीआईजी सिमरदीप सिंह और नूंह के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने संयुक्त रूप से बताया कि एक महीने तक पुलिस ने नूंह के चिह्नित किए गए ठिकानों पर नजर रखी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार की रात 11.30 बजे ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एक साथ थाना पुन्हाना, पिनंगवा, फिरोजपुर झिरका और बिछौर क्षेत्र के चिह्नित किए गए 14 गांवों में छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। इसमें एक एसपी, छह एएसपी, 14 डीएसपी, 32 इंस्पेक्टर सहित पूरे प्रदेश के पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने साइबर व अन्य आपराधिक मामलों से संलिप्त 69 आरोपियों को निशाना बनाते हुए छापेमारी की।
पुलिस ने पहले की थी 14 गांवों की मैपिंग
पुलिस ने पहले जिले के साइबर क्राइम के हॉट स्पॉट माने जाने वाले 14 गांवों की मैपिंग कर टारगेट्स फिक्स किए। साइबर अपराध के हॉट स्पॉट के तौर पर खेडला, लुहिंगा खुर्द, लुहिंगा कलां, गोकलपुर, गोधोला, अमीनाबाद, महू, गुलालता, जैवंत, जखोपुर, नई, तिरवाडा, मामलिका और पापड़ा गांव में 300 ठिकाने तय किए गए थे। एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि पकड़े गए साइबर ठगों में 20 से 30 वर्ष की आयु तक के युवक हैं। इनमें कक्षा 10 से लेकर स्नातक तक शिक्षित हैं। ठगी के इस अवैध कारोबार में अभी किसी महिला का नाम सामने नहीं आया है।
छह घंटों की कार्रवाई में भारी भरकम बरामदगी
पकड़े गए अपराधियों और हैकर्स के पास से कुल 66 स्मार्टफोन्स, 65 फर्जी सिम, 166 आधार कार्ड, तीन लैपटॉप, अलग-अलग बैंकों के 128 एटीएम कार्ड, दो एटीएम स्वाइप मशीन, एक एईपीएस मशीन, छह स्कैनर, पांच पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही सात देसी कट्टे, दो कारतूस, दो कार, चार टैक्टर-ट्राली, 22 मोटर साइकिल भी बरामद की गईं हैं।
ऐसे बनी रणनीति
पुलिस ने 14 गांव के लिए 102 रेड टीमों का गठन किया। इनमें वह पुलिसकर्मी शामिल किए गए, जो तेज तर्रार थे। आपरेशन की जानकारी गुप्त रहे यह पुलिस के लिए चुनौती थी, लेकिन कार्रवाई सफल हुई। 102 टीमों ने रात के दो बजे 14 गांव में रेड की।
अंतरराज्यीय गिरोह का शक
पुलिस को शक है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है। जिसमें पढ़े लिखे युवा शामिल हैं। जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है वे सफेदपोश की तरह काम कर रहे थे, क्योंकि अभी तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसलिए इन लोगों ने इस काम को एक व्यवसाय की तरह करना शुरू कर दिया था।
फर्जी आईडी पर चल रहे थे 1400 सिम
नूंह में करीब 1400 सिम फर्जी आईडी पर चल रहे थे। पुलिस को यह जानकारी मिली तो सबसे पहले यह पता किया कि यह सिम कहां से जारी किए गए हैं। फिर यह पता किया गया कि जिनकी आईडी पर यह सिम हैं वह कौन लोग हैं। पता चला कि आईडी भी फर्जी बनाए गए हैं। अब पुलिस यह पता कर रही है कि जिनके नाम पर आईडी बनाए गए हैं वे नाम किस डाटा से अपराधियों के पास आए।
डेढ़ लाख सिम करा चुके बंद
कार्रवाई से पहले पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर और हरियाणा में नूंह के कई गांवों में फर्जी आईडी पर चल रहे करीब डेढ़ लाख सिम बंद कराए हैं। इनमें अकेले मेवात में 20 हजार सिम हैं।
पकड़े गए साइबर ठग अपने घरों से, खेतों से और अन्य ठिकानों से पूरे देश में ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। इन्होंने कहां-कहां ठगी की है इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ठगों के तार आसपास के अन्य प्रदेशों से भी जुड़े हुए हैं। - सिमरदीप सिंह, डीआईजी, एसटीएफ
हमने इनके पास से डिजिटल डिवाइस बरामद की हैं। उसके आधार पर जो लीड मिलेगी फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए लंबी प्लानिंग करनी पड़ी तब जाकर इतना बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हुआ। इस कार्रवाई में डीआईजी एसटीएफ और एसपी मेवात ने बड़ी भूमिका निभाई है। - पीके अग्रवाल, डीजीपी