फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: गैंगस्टर बिंदर गुर्जर के भाई की हत्या में 13 दोषियों को उम्रकैद

विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने गैंगस्टर कौशल समेत पांच आरोपियों को किया बरी
विज्ञापन


10 अक्तूबर 2016 को शराब के ठेके पर नकदी लेने आए मनीष की गोलियों से भूनकर की थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आठ साल पहले गैंगस्टर बिंदर गुर्जर के भाई मनीष की गोलियों से भूनकर हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने 13 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने इस मामले में गैंगस्टर कौशल समेत पांच आरोपियों को बरी भी किया है। एक आरोपी को अदालत दो साल पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील चौहान की अदालत ने मंगलवार को दिया।
बता दें कि 8 अक्तूबर 2016 को सिटी पुलिस को दी गई शिकायत में शक्ति नगर निवासी कर्ण सिंह ने बताया था कि उनका बेटा मनीष उर्फ पप्पू रात करीब 12 बजे अपने ड्राइवर सुखबीर और लियाकत के साथ ठेके पर नकद राशि लेने के लिए आया था। उसी दौरान आठ-दस युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर मनीष की हत्या कर दी। सुखबीर के पैर में और लियाकत के कमर पर गोली लगी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि उनकी गैंगस्टर कौशल और संदीप गाड़ोली से रंजिश है।
विज्ञापन

पुलिस ने मामला दर्ज कर रोहतक निवासी सोमबीर उर्फ छतरी, राहुल पंडित, सचिन, कंसाला निवासी दीपक, मोनू , मोखरा निवासी दिनेश, गुरुग्राम निवासी रविकांत व ब्रह्मप्रकाश, गाडौली खुर्द निवासी कुलदीप, सेक्टर-5 निवासी जयबीर, रत्न गार्डन निवासी लव शर्मा, झज्जर निवासी पवन कुमार और दिल्ली निवासी रवि कुमार के साथ ही गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित और गैंगस्टर संदीप गाडौली की बहन सुदेश, कुलदीप सिंह, अजीत और मनीष को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

अदालत ने दी सजा
अदालत ने राहुल, सचिन, जयबीर, लव शर्मा, रवि कुमार, रविकांत, सोमबीर, दीपक और मोनू को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा देते हुए 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, दिनेश, कुलदीप, पवन को आजीवन कारावास के साथ 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आजीवन कारावास के साथ ही ब्रह्मप्रकाश पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में अदालत ने गैंगस्टर कौशल चौधरी, उसके भाई मनीष, गैंगस्टर संदीप गाडौली की बहन सुदेश, अमित और जयपाल को बरी कर दिया है। आरोपी अजीत को अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें