हत्या के आरोप में तीन युवक हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सोहना रोड पर तीन दिन पहले रोड रेज दिल्ली के टैंपू ट्रैवलर चालक दीनदयाल उर्फ दीनू की पीट-पीट कर हुई हत्या के मामले में सदर थाना पुलिस ने दिल्ली के रजोकरी के रहने वाले तीन युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि आरोपियों ने 1200 रुपये कीमत की लाइट टूटने के विवाद को लेकर चालक की पीटकर हत्या कर दी थी।
तीन दिन पहले सदर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दीनू उर्फ दिन दयाल उम्र 37 वर्ष, निवासी दिल्ली की लड़ाई झगड़े में लगी चोट के कारण इलाज के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई है। मृतक के भाई ने पुलिस टीम को एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि इसका भाई ड्राइवरी का काम करता था।
15 जून की शाम को दीनू की गाड़ी के मालिक का उसकी मां के पास फोन आया कि दीनू की गाड़ी किसी कार में लग गई है। जिस पर दीनू का हाल-चाल पूछने के लिए इसकी मां ने दीनू के मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि आपके लड़के को कुछ व्यक्ति मार रहे थे। जिसको छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस शिकायत पर थाना सदर, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया था।
मामले की जांच के दौरान सदर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।आरोपियों की पहचान रजोकरी, दिल्ली निवासी विक्की, ललित व सागर के रूप में हुई। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अर्जुन देव ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
एक कैटरिंग का काम करता है तो दूसरा चलाता है दुकान
पुलिस की छानबीन में पता चला है कि तीनों युवकों में एक युवक कैटरिंग का काम करता है तो दूसरा दुकान चलाता है। इनके साथ कोई और तो नहीं था। इस मामले की जांच की जा रही है।
150 कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद हाथ आए आरोपी
मामले की जांच कर रही पुलिस इसी पूरी तरह से ब्लाइंड मान रही थी। आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस ने दिल्ली के शाहदरा से लेकर लक्ष्मी नगर बाजार के फुटेज खंगाले हैं। उसके बाद आरोपियों तक पहुंची।
चुनौती बन गया था मामला
सूत्रों की माने तो रोडरेज का मामला पूरे प्रदेश में छा गया था। पुलिस के लिए यह चुनौती बन गया था। ऐसे में आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीआईए की अलग-अलग टीम काम कर रही थी। अपराध शाखा की टीम व सदर थाना पुलिस का जांच के दौरान इस बात का कंपटीशन था कि आरोपी किसके हाथ लगेंगे।
सिल्वर कार में सवार पांच युवकों के पीछे पड़ने पर हुई देर
मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को सूचना मिली कि सिल्वर कलर की कार में पांच युवक सवार थे। इसके बाद पुलिस उसके पीछे लग गई। उसी तक पहुंचने में पूरा समय नष्ट हो गया। बाद में उसका इस घटना से कोई मेल नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने अलग लाइन बनाई और आरोपी तक पहुंची।