सीजीएसटी एक्ट के तहत नोटिस जारी, कंपनियों ने मांगा समय
मास्टरमाइंड ने तीन साल पहले गुरुग्राम में बनाया था ठिकाना
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। फर्जी ई-वे बिल काटकर करोड़ों का चूना लगाने वाली 12 कंपनियां सीजीएसटी की रडार पर हैं। इन कंपनियों ने बीते ढाई साल में करोड़ों का फर्जी बिल खरीद-फरोख्त करके सीजीएसटी को चूना लगाया है।
मामले की जांच कर रही इंवेस्टिगेशन टीम की ओर से नोटिस जारी कर उनसे सवाल जवाब किया जा रहा है। सीजीएसटी का फ्रॉड करने वाली कंपनी को उनकी ओर से की गई ठगी और उसके जुर्माने के साथ नोटिस दिया जाएगा। अभी टीम की ओर से मास्टर माइंड की कंपनी से लेनदेन करने वालों को बुलाया गया है। इसमें बहुत सी कंपनी की ओर से नोटिस के जवाब में समय मांगा गया है तो कुछ कंपनियां एक्ट के हिसाब से जुर्माना देने को तैयार हैं।
सीजीएसटी की ओर से जिस मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया गया है, वह मूलरूप से दिल्ली का रहने वाला है। ढाई साल पहले गुरुग्राम में बसा है। उसकी ओर से खोली गई कंपनी से फर्जी बिल की खरीद-फरोख्त करने वालों को पहचाना जा चुका है। सीजीएसटी के अधिकारी के अनुसार मास्टर माइंड व अन्य कंपनियों के नाम उजागर नहीं किए जा रहे हैं। भविष्य में उनके अंडर ग्राउंड होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में जांच प्रभावित न हो इसका खास ख्याल किया जा रहा है। सीजीएसटी की अब तक की छानबीन में पता चला है कि यह कंपनियां कागज में हैं। मौके पर इनकी ओर से बिल कंप्यूटर पर काटे जा रहे हैं। जिस स्थान के नाम पर कंपनी रजिस्टर्ड हुई है, वहां पर कुछ नहीं है। विभाग की ओर से सिस्टम की खामी जानने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें इन तक पहुंचने में देरी हुई है।
वर्जन
फर्जी ई-वे बिल के मामले में मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे जुड़ी 12 कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है। जिनके जवाब का इंतजार है। एक्ट के हिसाब से उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। - कल्याण सिंह, सहायक आयुक्त , सीजीएसटी, गुरुग्राम।