शहर के कॉलेजों के एनसीसी कैडेट कैंपस से निकलकर राजपथ तक का सफर तय कर रहे हैं। इस साल भी गणतंत्र दिवस के मौके पर शहर के कॉलेजों से चयनित तीन एनसीसी कैडेट राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देंगे।
फिलहाल पंजाब में चयनित छात्र अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं। बीते सालों में भी एनसीसी कैडेट राजपथ की परेड का हिस्सा रहे हैं।
दरअसल, शहर के कॉलेजों में देशभक्ति का जज्बा पैदा करने के लिए एनसीसी विंग के तहत उनकी भर्ती की जाती है। सोमवार और मंगलवार को परेड कराई जाती है।
इसके आधार पर ही एनसीसी कैडेट को साल दर साल ग्रेड तय कर प्रमोशन दिया जाता है। ग्रेड अनुसार छात्रों का चयन गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के लिए किया जाता है।
राजकीय द्रोणाचार्य कॉलेज के एनसीसी विंग के प्रभारी सुशील बताते है कि इस बार दो छात्र बीएससी नॉन मेडिकल द्वितीय वर्ष के छात्र गौरव राघव और प्रशांत का चयन हुआ है।
पिछले साल भी इस कॉलेज से आशीष राघव को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया था। छात्रा मनीषा भी राजपथ में परेड दे चुकी है।
सेक्टर-14 गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज की छात्रा बीए द्वितीय वर्ष की कामना और बीएससी नॉन मेडिकल की निशा का चयन हुआ है। कॉलेज की एनसीसी प्रभारी किरण बताती है कि अभी रोहतक में छात्राएं कैंप में हिस्सा ले रही है। इसके बाद भी कैंप प्रशिक्षण का सिलसिला जारी रहेगा।
कैसे होता है चयन
एनसीसी के प्रत्येक निदेशालय से 101 कैडेट का चयन किया जाता है। छंटनी के बाद पूरे भारत के 17 निदेशालय से कुल 120 कैडेट गणतंत्र दिवस के परेड के लिए चयनित होते हैं। जो राष्ट्रपति को सलामी देते हैं। अक्तूबर से लेकर 24 जनवरी तक कैंप का सिलसिला जारी रहता है। कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्हें राजपथ पर सलामी के लिए तैनात करते हैं। इसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर के तहत इन्हें विदेश भ्रमण का मौका दिया जाता है।