1951 से लेकर 2014 तक गुड़गांव लोकसभा सीट से सासंद भवन पहुंचने वालों में गुड़गांव का काई नहीं रहा। रेवाड़ी व मेवात के साथ बाहर से आकर चुनाव लड़ने वालों के हक में रहा है फैसला।
लोकसभा चुनाव में शुरु से लेकर अब तक जितने भी लोगों को जनता ने सांसद भवन तक पहुंचया है। उसमें से एक भी नहीं है। जिनका गुड़गांव से सीधा संबध रहा हो।
1951 में ठाकर दास तो 1957 में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद रहे। 1958 में बाई पोल में प्रकाश वीर को चुना गया था। 1967 में ए गनी खां के बाद 1971 में मेवात व राजस्थान में खास पहचान रखने वाले तैय्यब हुसैन विजयी हुए थे।
1977 से यह लोकसभा सीट महेन्द्रगढ़ लोकसभा के रुप में जानी जाती रही है। जिसमें फरीदाबाद, मेवात का भी हिस्सा शामिल रहता था। जिस चुनाव में बीएलपी के टिकट पर मोहम्मद लाल जीते थे। 1980 में रेवाड़ी से ताल्लुक रखने वाले वीरेन्द्र सिंह पहली बार लोक सभा पहुंचे।
जिसके बाद लगातार जनता ने उनको तीन बार लोकसभा चुनकर भेजा। 1991 में आईएनसी के टिकट पर राम सिंह सांसद पहुंचे। जिसके बाद वह उससे अगला चुनाव 1996 में भाजपा से लड़ा था और विजयी हुए थे।
1998 में रेवाड़ी के राव इन्द्रजीत सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंचे। 1999 डाक्टर सुधा यादव बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर सांसद भवन पहुंची। 2004 में रावइन्द्रजीत सिंह कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बाद लोकसभा पहुंचे। जबकि 2009 में भी कांग्रेस के ही टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंचे।
गुड़गांव
लोकसभा क्षेत्र
वर्ष
सांसद
पार्टी
1951
ठाकर दास
आईएनसी
1957
मौलाना अब्दुल
कलाम आजाद
आईएनसी
1958
प्रकाश वीर
आईएनसी
1962
गजराज सिंह
आईएनसी
1967
ए गनी
आईएनसी
1971
तैय्यब हुसैन
आईएनसी
1977
मोहिन्द्र
लाल
बीएलपी
1980
विरेन्द्र
सिंह
आईएनसी (आई)
1984
विरेन्द्र
सिंह
आईएनसी
1989
विरेन्द्र
जेडी
1991
राम सिंह
आईएनसी
1996
राम सिंह
भाजपा
1998
इन्द्र जीत
सिंह
आईएनसी
1999
डॉ सुधा यादव
भाजपा
2004
इन्द्र जीत
सिंह
आईएनसी
2009
इन्द्र जीत
सिंह
आईएनसी