फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस सीट पर अपनों को ही वोट नहीं देते हैं वोटर

Wed, 12 Mar 2014 05:14 PM IST
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
विज्ञापन
1951 से लेकर 2014 तक गुड़गांव लोकसभा सीट से सासंद भवन पहुंचने वालों में गुड़गांव का काई नहीं रहा। रेवाड़ी व मेवात के साथ बाहर से आकर चुनाव लड़ने वालों के हक में रहा है फैसला।
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव में शुरु से लेकर अब तक जितने भी लोगों को जनता ने सांसद भवन तक पहुंचया है। उसमें से एक  भी नहीं है। जिनका गुड़गांव से सीधा संबध रहा हो।

1951 में ठाकर दास तो 1957 में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद रहे। 1958 में बाई पोल में प्रकाश वीर  को चुना गया था। 1967 में ए गनी खां के बाद 1971 में मेवात व राजस्थान में खास पहचान रखने वाले तैय्यब हुसैन विजयी हुए थे।

1977 से यह लोकसभा सीट महेन्द्रगढ़ लोकसभा के रुप में जानी जाती रही है। जिसमें फरीदाबाद, मेवात का भी हिस्सा शामिल रहता था। जिस चुनाव में बीएलपी के टिकट पर मोहम्मद लाल जीते थे। 1980 में रेवाड़ी से ताल्लुक रखने वाले वीरेन्द्र सिंह पहली बार लोक सभा पहुंचे।
विज्ञापन


जिसके बाद लगातार जनता ने उनको तीन बार लोकसभा चुनकर भेजा। 1991 में आईएनसी के टिकट पर राम सिंह सांसद पहुंचे। जिसके बाद वह उससे अगला चुनाव 1996 में भाजपा से लड़ा था और विजयी हुए थे।

1998 में रेवाड़ी के राव इन्द्रजीत सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंचे। 1999 डाक्टर सुधा यादव बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर सांसद भवन पहुंची। 2004 में रावइन्द्रजीत सिंह कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बाद लोकसभा पहुंचे। जबकि 2009 में भी कांग्रेस के ही टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंचे।

गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र वर्ष सांसद पार्टी 1951 ठाकर दास आईएनसी 1957 मौलाना अब्दुल कलाम आजाद आईएनसी 1958 प्रकाश वीर आईएनसी 1962 गजराज सिंह आईएनसी 1967 ए गनी आईएनसी 1971 तैय्यब हुसैन आईएनसी 1977 मोहिन्द्र लाल बीएलपी 1980 विरेन्द्र सिंह आईएनसी (आई) 1984 विरेन्द्र सिंह आईएनसी 1989 विरेन्द्र जेडी 1991 राम सिंह आईएनसी 1996 राम सिंह भाजपा 1998 इन्द्र जीत सिंह आईएनसी 1999 डॉ सुधा यादव भाजपा 2004 इन्द्र जीत सिंह आईएनसी 2009 इन्द्र जीत सिंह आईएनसी
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें