आठ दिन पहले दो समुदाय के बीच विवाद के बाद तावड़ू में लगा कर्फ्यू रविवार को खत्म हो गया है। प्रदेश सरकार द्वारा मृतक की बहन को नौकरी दिए जाने के बाद दोनों समुदाय के लोगों ने सुबह से दुकानें खोल दी। साथ ही बाजार में रौनक भी वापस लौट आई है।
उपायुक्त मेवात आरसी वर्मा ने बताया कि दूसरे समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की। उन्होंने मृतक की बहन को गुड़गांव रेडक्रास में नौकरी दी। साथ ही घायलों के परिवार वालों को मुआवजा देने की बात कही है। इसके बाद रविवार की सुबह से तावड़ू में सभी दुकानें खुल गईं।
उपायुक्त ने बताया कि सुबह सात बजे से ही कर्फ्यू हटा दिया गया है। सावधानी के लिए अर्ध सैनिक बलों को अभी रखा गया है। उधर, आठ दिन बाद बाजार खुलने से लोगों की भी काफी भीड़ रही। लोगों ने घरेलू सहित अन्य सामानों की खरीदारी की।
ये था मामला
आठ दिन पहले तावड़ू में डंपर की चपेट में आने से एक युवक दानवीर की मौत हो गई थी। जिसके बाद दो समुदाय के बीच विवाद बढ़ गया। प्रशासन ने बिगड़े हालात को काबू करने के लिए कर्फ्यू लगा दिया। छह दिन से प्रशासन की ओर से दिन में कर्फ्यू में 12-12 घंटे ढील दी गई।
इस दौरान एक समुदाय के लोग दुकान खोल रहे थे, जबकि दूसरे समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। तनाव बरकरार रहने की सूरत में प्रशासन कर्फ्यू को आगे बढ़ा रहा था।