दिल्ली सरकार के 22 हजार अतिथि शिक्षक नरम पड़ते नहीं दिख रहे हैं। अब वह अपने-अपने स्कूल का कार्य सड़क पर कर रहे हैं। शुक्रवार को प्रदर्शन के 15वें दिन अतिथि शिक्षकों ने परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं सड़क पर बैठ कर जांच की।
शिक्षकों का कहना है कि बच्चों का नुकसान नहीं चाहते हैं, इसलिए प्रदर्शन के साथ-साथ उत्तर पुस्तिकाएं भी जांच कर रहे हैं। शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि वह अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। दिल्ली सरकार के स्कूलों में परीक्षाओं का दौर चल रहा है। अतिथि शिक्षक बीते 15 दिनों से प्रदर्शन करने के कारण वह स्कूल नहीं जा रहे हैं।
ऐसे में अतिथि शिक्षकों ने इस नुकसान की भरपाई के लिए सड़क पर बैठ कर ही परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जांच की। प्रदेश बीजेपी कार्यालय के पास बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक अपने-अपने स्कूल से उत्तर पुस्तिकाएं लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन सदस्य शोएब राणा ने कहा कि इस तरह से हमारा प्रदर्शन भी जारी रहा और उत्तर पुस्तिकाओं की भी जांच हो गई। उल्लेखनीय है कि अतिथि शिक्षक अपने लिए 60 वर्ष की पॉलिसी जब तक नहीं आती तब तक उन्हें न हटाए जाने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान वह उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, उपराज्यपाल अनिल बैजल, सांसद मनोज तिवारी और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू से भी राहत की गुहार ला चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई है।