एचआईवी पॉजिटिव बालक से कुकर्म मामले में अदालत ने चिल्ड्रन होम के गार्ड को दस साल कैद की सजा सुनाई है। गार्ड पर सात साल के बालक से यौन शोषण का आरोप था।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मनन ने पीड़ित की गवाही व मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर गार्ड अमरदीप कुजुर को कुकर्म का दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता व पोक्सो एक्ट के तहत सजा सुनाई।
पीड़ित बच्चे को अदालत ने दो लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश सरकार को दिया है। यह राशि पीड़ित के स्वास्थ्य, कल्याण व पुनर्वास के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
अदालत ने दोषी की उस दलील को खारिज कर दिया कि अगर उसने एचआईवी पीड़ित बालक से कुकर्म किया होता, तो वह भी संक्रमण की चपेट में आया होता, लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव है।