नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जाने वाली मेट्रो का रूट बदला जाएगा। नोएडा सिटी सेंटर के बजाय ग्रेटर नोएडा मेट्रो सेक्टर-71 चौराहे से होकर जाएगी। इस कारण सिटी सेंटर के बजाय सेक्टर-71 मेन इंटरचेंज सेंटर बन जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण और डीएमआरसी के इंजीनियरों की टीम ने मंगलवार को सिटी सेंटर और सेक्टर-71 से होते हुए ग्रेटर नोएडा तक रूट का सर्वे किया। इस दौरान टीम ने रूट पर आ रही सभी अड़चनों को देखा।
इसके बाद यह सुझाव दिया गया कि सिटी सेंटर केबजाय सेक्टर-71 से रूट बनाना ज्यादा बेहतर होगा। इसके पीछे दो वजह बताई जा रही हैं। पहली, सिटी सेंटर से रूट की राह में हाईटेंशन लाइन आ रही है, जिसे शिफ्ट करना आसान नहीं होगा। इस काम को करने में बहुत वक्त भी बर्बाद होगा। इससे प्रोजेक्ट में देरी होगी।
प्राधिकरण और डीएमआरसी ने किया सर्वे
दूसरी वजह यह है कि सिटी सेंटर से सेक्टर-62 तक रूट पहले से ही प्रस्तावित है। इसका निर्माण भी जल्द शुरू होने जा रहा है। यह रूट सेक्टर-71 से होकर बनेगा।
ऐसे में सेक्टर-71 तक तो मेट्रो जा ही रही है। यहीं से ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाने वाले रूट का निर्माण कराने का भी प्रस्ताव है, इसलिए सेक्टर-71 को ही मेन इंटरचेंज बनाया जाना चाहिए। यहीं से ग्रेटर नोएडा मेट्रो भी ले जाने का सुझाव दिया गया। इस पर दोनों विभाग राजी भी हैं।
इस चौराहे के चारों तरफ सेक्टर-51, 52, 71 व 72 हैं। यह रूट पहले से प्रस्तावित रूट पर सेक्टर-73, 74, 49 व 51 पर जुड़ेगा। इसकेआगे का रूट पहले जैसा ही रहेगा। नए मेट्रो रूट के बनने से ज्यादा रिहायशी सेक्टरों को फायदा होगा।
इससे सेक्टर-61, 52, 71, 72, 73, 74, 76 सीधे जुड़ जाएंगे, जबकि सेक्टर 114, 115, 117, 118, 119, 120 व 122 आदि भी मेट्रो के और करीब आ जाएंगे। वहीं, सिटी सेंटर से रूट बनाने पर कम रिहायशी सेक्टरों को फायदा हो रहा था। इससे सेक्टर-50, 51, 61 व 49 ही सीधे तौर पर जुड़ रहे थे।
एक लाख फ्लैट खरीदारों को होगा फायदा
सेक्टर-61, 52, 71, 72, 73, 74, 76, 114, 115, 117, 118, 119, 120 व 122 आदि में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट ज्यादा हैं। सभी बड़े बिल्डरों ने फ्लैट बना रखे हैं। इनमें से ज्यादातर बिक चुके हैं। इन सेक्टरों में करीब एक लाख फ्लैट बने होने का अनुमान है। नए रूट पर मेट्रो के गुजरने से इन फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को सुविधा हो जाएगी। इससे इन फ्लैटों के रेट भी बढ़ जाएंगे।
रूट की लंबाई और लागत पर भी मामूली असर
सिटी सेंटर के बजाय सेक्टर-71 चौराहे से मेट्रो ले जाने पर लागत और ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट की लंबाई पर भी बहुत असर नहीं पड़ेगा। प्राधिकरण के मुताबिक, सिटी सेंटर से जाने वाली मेट्रो सेक्टर 73-74 चौराहे तक घूम कर जाती, मगर सेक्टर-71 से सीधे सेक्टर 73-74 चौराहे पर पहुंच जाएगी।
इस कारण लागत और लंबाई पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा। अगर थोड़ा-बहुत फर्क पड़ेगा तो उसे दोनों प्राधिकरण वहन करने को तैयार हैं। इस रूट की लंबाई करीब 29.707 किलोमीटर है।
इस पर करीब 5500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अब तक इस रूट पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित थे। नए रूट के बनने पर इसमें बदलाव हो सकता है। ग्रेटर नोएडा का डिपो इसका आखिरी स्टेशन है।