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ग्रेनो मेट्रो अक्तूबर तो सेक्टर-62 तक मेट्रो नवंबर से दौड़ेगी, सितंबर तक पूरा होगा ट्रायल

Fri, 10 Aug 2018 09:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
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एक्वा लाइन पर ग्रेटर नोएडा में मेट्रो अक्तूबर और ब्लू लाइन पर सिटी सेंटर से आगे बढ़ते हुए नोएडा सेक्टर-62 व इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक मेट्रो नवंबर में दौड़ने लगेगी। इसकी जानकारी नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने शुक्रवार को दोनों ही कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की।

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एनएमआरसी के एमडी आलोक टंडन ने बताया कि नोएडा से ग्रेनो तक मेट्रो कॉरिडोर पर सिग्नलिंग का ट्रायल सितंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा मेट्रो का ट्रायल भी चल रहा है। सितंबर में सिग्नलिंग ट्रायल पूरा होने के बाद कॉरिडोर को चीफ मेट्रो रेल सेफ्टी को निरीक्षण के लिए दिया जाएगा। 

उनकी ओर से अक्तूबर में 15 दिन तक निरीक्षण किया जा सकता है। संभावना है कि अक्तूबर में यहां मेट्रो शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि मेट्रो के इतिहास में पहली बार कोई इतना लंबा कॉरिडोर एक साथ खुलेगा। 
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई करीब 30 किलोमीटर है। जबकि डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि नवंबर तक सिटी सेंटर से सेक्टर-62 होते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन तक मेट्रो शुरू हो जाएगी। इसका भी ट्रायल जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

10 दिन में पूरे कॉरिडोर पर होगा ट्रायल
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर पर फिलहाल ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन से नोएडा के सेक्टर-81 स्टेशन तक 23 किलोमीटर की लंबाई में ट्रायल किया जा रहा है। अभी भी ट्रायल के लिए छह स्टेशन बचे हुए हैं। मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि 10 दिन में पूरे 30 किलोमीटर के कॉरिडोर पर ट्रायल का काम शुरू हो जाएगा। कॉरिडोर का सिग्नलिंग ट्रायल अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगा, जिसे सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

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डीएमआरसी एक साल तक चलाएगी ग्रेनो मेट्रो, करार हुआ
एनएमआरसी ने डीएमआरसी के साथ 30 किलोमीटर लंबे एक्वा लाइन के संचालन के लिए शुक्रवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए। डीएमआरसी के 100 अधिकारी और पर्यवेक्षक मेट्रो परिचालन और रखरखाव के लिए एनएमआरसी के नवनियुक्त कर्मचारियों को एक वर्ष तक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे और जिसके विस्तार के लिए 1 वर्ष से आगे तक का भी प्रावधान रहेगा।

यही नहीं डीएमआरसी एक साल तक नोएडा मेट्रो का संचालन करेगी। एनएमआरसी की तरफ से एमडी आलोक टंडन, कार्यकारी निदेशक पीडी उपाध्याय, डीएमआरसी के निदेशक (ओपीएस) एके गर्ग, ईडी (ओपीएस) विकास कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 100 अधिकारियों व पर्यवेक्षकों को एनएमआरसी वेतन देगा। इस मौके पर दिल्ली मेट्रो से अनुज दयाल भी मौजूद रहे।

बिजली के दो सब स्टेशन चालू
बिजली के दोनों सब स्टेशनों (आरएसएस) को चालू कर दिया गया है और दोनों स्रोतों से ट्रेन संचालन और स्टेशन की आवश्यकताओं के लिए बिजली उपलब्ध करा दी गई है। सभी 21 स्टेशनों पर सहायक सब स्टेशन (एएसएस) चालू कर दिया गया है। औसत समय में डीएमआरसी के माध्यम से एनएमआरसी द्वारा संचालन और रखरखाव के लिए अन्य कार्यकारी कर्मचारियों की भर्ती की गई है और उनका प्रशिक्षण प्रगति पर है।

छह अन्य ट्रेनें सितंबर तक आएंगी
मेट्रो का संचालन शुरू करने के लिए 11 ट्रेनों की आवश्यकता है। अभी तक 5 ट्रेनें आ चुकी हैं। 6 ट्रेनें सितंबर तक डिपो में आ जाएंगी। यहां 19 ट्रेनें आनी हैं। चार कोच के यह रेक स्टेनलेस स्टील से बने हल्के कोच हैं। प्रत्येक ट्रेन जीआईएस से सुसज्जित हैं और आपरेशन नियंत्रण केंद्र से एक आपातकालीन घोषणा प्रणाली है। इसके अलावा सभी स्टेशन प्लेटफार्म स्क्रीन वाले दरवाजे उपलब्ध होंगे।
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