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‘मृत’ RTI कार्यकर्ता महिला संग बंगलूरू में मिला

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क्या कार में जलकर हुई मौत एक ड्रामा था? क्या आरटीआई एक्टिविस्ट और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता चंद्रमोहन जिंदा है? अगर चंद्रमोहन जिंदा है तो कार में जलने वाला व्यक्ति कौन था? यह सवाल अचानक पैदा हो गए हैं।
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चंद्रमोहन के जिंदा होने की सूचना पर छह सदस्यीय पुलिस की टीम बैंगलुरू रवाना हो गई है। मंगलवार को बैंगलुरु में चंद्रमोहन को पुलिस के पकड़ने की चर्चा भी रही। हालांकि अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।

एक मई को सुबह पी थ्री गोल चक्कर के निकट एक कार जली अवस्था में मिली। कार में जली हुई अवस्था में एक व्यक्ति का शव भी था। यह कार आरटीआई एक्टिविस्ट और आप कार्यकर्ता चंद्रमोहन की थी।
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तुरंत परिवार को सूचना दी गई तो पता चला कि कार में शव चंद्रमोहन का था। पहले यह घटना महज कार में आग लगने की मानी गई, लेकिन परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि चंद्रमोहन की हत्या की गई है।

पांच लोगों पर दर्ज है हत्या का केस

चंद्रमोहन की मौत के मामले में पांच लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शव पर जेवर और सामान से चंद्रमोहन माना गया था। चंद्रमोहन के परिजन लगातार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाते आ रहे हैं।

पुलिस पर आरोप भी लगते रहे कि पुलिस हत्यारोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। 15 दिनों से चंद्रमोहन के जिंदा होने की चर्चा थी। पुलिस को यह सूचना मिली तो करीब एक सप्ताह पहले एक दरोगा को चंद्रमोहन की तलाश के लिए बैंगलुरु भेजा गया।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोमवार को बैंगलुरु से कोई सूचना मिली और पुलिस टीम हरकत में आ गई। एक महिला के साथ उसके बैंगलुरु में होने की चर्चा है। वह महिला भी करीब तीन माह से गायब है। दो दरोगा, दो सिपाही, दो महिला दरोगा को बैंगलुरु रवाना कर दिया गया है।

एसपी (देहात) डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि बैंगलुरु में चंद्रमोहन के जिंदा होने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि करने के लिए ही पुलिस टीमें भेजी गई हैं। उनके पहुंचने पर ही मामले की पुख्ता जानकारी मिलेगी।
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चंद्रमोहन की पत्नी सविता को लगा शॉक

चंद्रमोहन की पत्नी सविता शर्मा का कहना है कि उन्हें भी पुलिस से पता चला है कि उनके पति जिंदा हैं। सविता ने कहा कि इस सारे प्रकरण की जांच कर सत्यता का पता लगना चाहिए और जो भी दोषी हो उसे ऐसी सजा मिले कि फिर कोई व्यक्ति ऐसा करने की न सोचे।

सविता शर्मा ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि वह यही समझ रही थीं कि कार में जला व्यक्ति उनका पति ही है। न्याय के लिए वह पुलिस के चक्कर काट रही थीं।

दो दिन पूर्व तक वह थाने पर गई थीं। उनका भाई भी पुलिस के पास गया था, तब पुलिस कर्मियों ने हंसते हुए कहा था कि चंद्रमोहन तो जिंदा है। सविता ने कहा कि घटना के बाद वह बड़ी मुश्किल से अपने को संभाल पाई थीं।

लेकिन अब इस बाकये ने उन्हें झकझोर दिया है कि अगर चंद्रमोहन जिंदा हैं तो उन्होंने ऐसा क्यों किया। अगर इस मामले में वह स्वयं (सविता) भी दोषी हों तो उन्हें भी दंड दिया जाए।

चंद्रमोहन शर्मा की मौत की पुरानी खबरें--
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