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Greater Noida: प्राधिकरण की कथित लापरवाही ने ली छह वर्षीय मासूम की जान, 15 फीट गहरे गड्ढे में डूबने से मौत

Sun, 26 Jul 2026 12:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

मृतक की पहचान केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव के बेटे के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण की कथित लापरवाही को इस दर्दनाक घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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इसी गड्ढे में गिरने से हुई बच्चे की मौत... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में डूबने से छह वर्षीय मासूम की मौत हो गई। मृतक की पहचान केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव के बेटे के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण की कथित लापरवाही को इस दर्दनाक घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजन की तहरीर पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। 

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जानकारी के अनुसार शनिवार को छह वर्षीय बच्चा अन्य बच्चों के साथ कलाधाम सोसायटी के पास शनिवार शाम करीब 7 बजे खेल रहा था। खेलते-खेलते वह बोरिंग के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे के नजदीक पहुंच गया। बारिश के कारण गड्ढा पूरी तरह पानी से भरा हुआ था। अचानक उसका पैर फिसला और वह गहरे पानी में गिर गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर दौड़े। काफी प्रयास के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा कई दिन पहले प्राधिकरण की ओर से बोरिंग कार्य के लिए खोदा गया था। बारिश के चलते उसमें पानी भर गया था, जिससे उसकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि गड्ढे के चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। ऐसे में वहां खेलने वाले बच्चों और आने-जाने वाले लोगों के लिए यह लगातार खतरा बना हुआ था।
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हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए होते तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार एजेंसियां हादसे होने के बाद ही सक्रिय होती हैं।

इस घटना ने कुछ समय पहले हुए युवराज मेहता हादसे की याद भी ताजा कर दी है। युवराज की भी खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। उस घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में खुले गड्ढों की पहचान कर उनकी बैरिकेडिंग कराने, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के दावे किए थे। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कलाधाम में हुआ यह हादसा उन दावों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवराज मेहता की मौत से सबक लिया गया होता और सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लागू किया गया होता तो आज एक और मासूम की जान नहीं जाती। लोगों ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने, सभी खुले गड्ढों की तत्काल बैरिकेडिंग करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में परिजन ने लिखित तहरीर दी है। प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। 

घर में छाया मातम 
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। यदि प्राधिकरण समय रहते लापरवाही पर अंकुश नहीं लगाता, तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में मातम छाया है।

सोसाइटी में गड्ढा खोदने की नहीं दी थी कोई सूचना

कलाधाम सोसाइटी में हुए हादसे के बाद आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि सोसाइटी में ग्रेनो प्राधिकरण के जल विभाग की ओर से काम कराया जा रहा था। जिसकी कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। बिना सूचना के सोसाइटी में काम शुरू करा दिया गया। यदि पदाधिकारियों के पास सूचना होती तो हादसे से बचा जा सकता था।

सोसाइटी के सचिव देवेंद्र शुक्ला का दावा है कि कुछ दिनों पहले प्राधिकरण की टीम आई थी। जिन्होंने पार्क के पास गड्ढा खोदे जाने की सहमति दी थी लेकिन वहां गड्ढा नहीं खोदा गया। दूसरी जगह गड्ढे को खोदकर काम चालू कर दिया गया। जिसकी सूचना भी जिम्मेदारों तक नहीं पहुंचाई गई। देर रात करीब पौने 12 बजे परिजन थाने पहुंचे थे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए तहरीर दी है।

पानी में तैरती लकड़ी उठाने में हुआ हादसा
सचिव देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि मौके पर दो बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान बच्चे पानी से लकड़ी उठाने लगे जिससे उसका पैर फिसल गया। वह पानी में गिर गया। बच्चे को निकालकर तत्काल यर्थाथ अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सोसाइटी में पानी की समस्या
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि सोसाइटी में वर्षों से पानी की समस्या है। समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदारों के कानों तक पहुंचाई गई,लेकिन जिम्मेदारों ने इसकी सुध नहीं ली। सोसाइटी में करीब 96 स्टूडियो अपार्टमेंट से जहां लोग रहते हैं।

राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित लोग रहते हैं।
साल 2000 में बनी सोसाइटी में राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित कई कलाकार रहते हैं। देश-विदेश में ख्याति प्राप्त कलाकारों को कलाधाम में स्टूडियो अपार्टमेंट आवंटित हुए थे। जिन्होंने देश के लिए कई गर्व के पल दिए उनकी सुरक्षा ही खतरे में है।
 
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पिता बोले, प्रधिकरण की लापरवाही से हुई मौत

कलाधाम सोसाइटी में गड्ढे में डुबकर हुई मौत के मामले में पिता ने नॉलेज पार्क थाना में प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत दी है। पिता का आरोप है कि प्राधिकरण के लापरवाही के कारण उनके 6 वर्षीय बेटे की मौत हुई है उन्होंने कहा कि गड्ढे के कोट जाने के बाद भी कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं थे यदि सुरक्षा की व्यवस्था की जाती तो आज उनका बच्चा जिंदा होता। उन्होंने अमर उजाला से कहा कि उन्हें अब केवल न्याय की उम्मीद है। उन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है।  भविष्य में किसी भी अन्य बच्चों के साथ ऐसा ना हो इसकी भी जवाब दे ही तय होनी चाहिए। 
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