'नया शिक्षा मंत्री जान ले, युवा देख रहे हैं'
शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमारी चिंताओं और मांगों को दूर कर लिया गया है। इन मांगों ने देशभर के युवाओं को प्रभावित किया, यही वजह है कि इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी समर्थन मिला।
एक महीने बाद नए शिक्षा मंत्री से सीजेपी करेगी मुलाकात
नए मंत्री प्रह्लाद जोशी को नसीहत देते हुए दास ने कहा कि जो कोई भी शिक्षा मंत्री बने, उसे यह पता होना चाहिए कि युवा देख रहे हैं। वे जवाबदेही मांगेंगे। इसलिए, जब समय आए, तो युवाओं के हित में काम करें। पेपर लीक को रोकें और हमारे मांग पत्र में उल्लिखित पांच-सूत्रीय सिफारिशों को लागू करें। उन्होंने आगे बताया कि सीजेपी जल्द ही नए शिक्षा मंत्री से मुलाकात करेगी और सरकार ने एक महीने के भीतर बैठक आयोजित करने का वादा किया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी की प्रतिक्रिया
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को पार्टी ने एक बड़ी कामयाबी बताया है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस देश के लोगों ने बीते कुछ वर्षों में इतनी खुशी महसूस की होगी। यह खुशी सिर्फ एक इस्तीफे के बारे में नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की वापसी और नागरिकों के रूप में हमारे अधिकारों को वापस पाने के बारे में है।
रांका ने आंदोलनकारी युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले दिनों में जो आंदोलन देखा गया है, उसे इतिहास में उस क्षण के रूप में याद किया जाएगा जब इस देश के युवा अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर आए थे। यह एक बहुत बड़ी जीत है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर से सकारात्मक मुलाकात
आंदोलन के समापन के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से भी मुलाकात की। बैठक को सकारात्मक बताते हुए रांका ने कहा कि हमने पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भी हुआ, उस पर चर्चा की। 20 तारीख को जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। हालांकि, हम मानते हैं कि दिल्ली पुलिस का लगातार सहयोग मिला।
रांका ने स्पष्ट किया कि सरकार और पुलिस ने उनकी मांगें मान ली हैं, जिनमें पुरानी एफआईआर को वापस लेना और नई एफआईआर दर्ज न करने का आश्वासन शामिल है। उन्होंने युवाओं का धन्यवाद करते हुए कहा, "हमें उम्मीद है कि यह एक नए अध्याय की शुरुआत है। अंत भला तो सब भला।"