प्राधिकरण और पुलिस-प्रशासन ने निर्माण को हटाने की कार्रवाई के दौरान लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया। भविष्य इंडिया बिल्डिंग के बाहर जेसीबी निर्माण को तोड़ रही थी, जबकि, अंदर शोरूम के मालिक और कर्मचारी सामान निकाल रहे थे। वहीं अतिक्रमण हटाओ दस्ते को देखकर बिल्डिंग में काम कर रहे मजदूर और रेहड़ी-पटरी वालें भाग गए। वहीं, कार्रवाई के दौरान बिल्डरों के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे जो बिल्डरों को पल-पल की जानकारी दे रहे थे।
झुकी बिल्डिंगों को कब गिराएगा प्राधिकरण?
शाहबेरी हादसे के बाद गांव में एक तरफ झुकी तीन बिल्डिंगों को प्राधिकरण ने सील कर दिया था। उस वक्त कहा गया था कि तीनों इमारतें कभी भी गिर सकती हैं। लेकिन तीनों बिल्डिंग को गिराया नहीं है। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे है कि प्राधिकरण ने इन बिल्डिंग को गिराने की जगह कॉमर्शियल बिल्डिंग को गिराने की कार्रवाई पहले क्यों की। 17 जुलाई को शाहबेरी गांव में दो बहुमंजिला बिल्डिंग गिर गई थीं। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी।
जिसके बाद प्राधिकरण ने शाहबेरी में 100 से अधिक बिल्डिंग को नोटिस कर सात दिन में निर्माण को गिराने का समय दिया था। चेतावनी दी थी कि उसके बाद प्राधिकरण निर्माण को गिराएगा। इनमें से तीन बिल्डिंग ऐसी थीं, जो एक तरफ झुक गई हैं और कभी भी गिर सकती हैं। अगर बिल्डिंग गिरी तो आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों की जानमाल का खतरा है, लेकिन प्राधिकरण ने उन्हें गिराने की जगह कॉमर्शियल बिल्डिंग को तोड़ा है।
लोगों ने कहा बिल्डरों को होगा लाभ
लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण ने बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जिन पांच बिल्डिंग को प्राधिकरण ने गिराया है, उनमें बन रही दुकानों की कीमत बिल्डरों की दुकानों से काफी कम थीं। ऐसे के लोग इन अवैध बिल्डिंग में दुकान खरीद रहे थे। जिससे बिल्डरों को नुकसान हो रहा था।