खेड़ी भनौता गांव निवासी सेना के जवान सुनील कुमार (40) की केरल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत के मामले में सूरजपुर कोतवाली में हत्या का केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि शव लेने केरल पहुंचने पर परिजन से अभद्रता की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव आने पर परिजन ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश भाटी देवटा की मदद से जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से न्याय की मांग की। इसके बाद जवान के शव का फिर से पोस्टमार्टम किया गया। मामले में सूरजपुर कोतवाली में अज्ञात अधिकारियों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। सूरजपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में खेड़ी भनौता गांव के सुरेंद्र कुमार ने कहा है कि उनके भाई सुनील कुमार भारतीय सेना में केरल के कन्नूर में हवलदार क्लर्क के पद पर तैनात थे। छह फरवरी की सुबह सुनील के परिजन को कॉल कर जानकारी दी गई कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है। परिजन सूचना पर केरल पहुंचे। आरोप है कि कर्नल आरएस बरोडे व सिविल सुपरिडेंट राधा कृष्ण वित्तीय फर्जीवाड़ा करने का दबाव सुनील पर बनाते थे।
शरीर पर थे चोट के निशान
जब परिजन शव लेने पहुंचे तो देखा सुनील की आंख वह शरीर के अन्य हिस्सों से खून निकल रहा था। शरीर पर चोट के निशान थे। जिस फंदे से खुदकुशी करने की बात कही गई, गांठ केरला स्टाइल में लगी थी। परिजन को हत्या का शक हुआ। शव परिजन को नहीं दिया गया। परिजन ने अभद्रता का भी आरोप लगाया है।
वाइस रिकार्डिंग में कैद है उत्पीड़न की कहानी
परिजन का कहना है कि सुनील ने भाई को कॉल कर पूरे मामले की जानकारी दी थी। सुनील ने बताया था कि उस पर फर्जीवाड़ा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वह इससे इन्कार कर रहा है तो कोर्ट मार्शल की धमकी दी जा रही है। इसकी वॉइस रिकार्डिंग भी परिजन के पास मौजूद है।
सेना के जवान सुनील कुमार के परिजन को न्याय दिलाने के लिए जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से मुलाकात की गई। अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेकर पैनल गठित कर सुनील के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया है। इसके बाद हत्या का केस दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी से सुनील कुमार को शहीद का दर्जा देने की मांग की गई। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है।
- उमेश भाटी, अध्यक्ष बार एसोसिएशन, गौतमबुद्ध नगर
परिजन की शिकायत पर केस दर्ज कर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फंदे से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर दो जगह घिसट या खरोंच के निशान हैं। कोई गहरी चोट नहीं है।
-सुमित शुक्ला, एसीपी-3 सेंट्रल जोन