छोटी सरकार का गठन हुए छह माह से अधिक का समय बीत गया लेकिन गांवों के विकास के लिए सरपंचों को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। पैसे न मिलने के कारण गांवों का विकास कार्य ठप है। खास बात यह है कि सरकार ने चुनाव के पहले निर्विरोध पंचायत चुनने पर 11-11 लाख रुपये इनाम स्वरूप देने की घोषणा की थी, ये राशि भी निर्विरोध निर्वाचित पंचायतों को नहीं मिल पाई है।
सरकार से पैसे कब आएंगे, पंचायत विभाग भी चुप्पी साधे हुए है। सरपंचों का कहना है कि बार-बार खूब पैसा देने की बात तो कही जा रही है लेकिन अभी तक कुछ भी सामने नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में पैसे बगैर गांव का विकास कैसे हो।
गौरतलब हो कि जिले में 10 जनवरी को पंचायत चुनाव हुए थे और देरशाम तक परिणाम की भी घोषणा कर दी गई थी। जिला परिषद व ब्लॉक समिति सदस्यों का चुनाव परिणाम 28 जनवरी को आया था। राज्य सरकार ने चुनाव के पहले निर्विरोध पंचायत चुनने पर इनाम राशि देने की घोषणा की थी। छोटी सरकार के गठन के छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो इनाम राशि मिल पाई है और न ही विकास के लिए अनुदान। ऐसे में पंचायतों के विकास कार्य रुके पड़े हैं। सरकार की ओर से अनुदान कब मिलेगा, विभागीय अधिकारियों को भी नहीं पता है।
इन्हें मिलनी है इनाम राशि:
-जिले की तीन ग्राम पंचायत लालपुर, पहलादपुर माजरा और बदरौला गांव में पूरी पंचायत निर्विरोध चुनी गई है। इन्हें 11-11 लाख रुपए इनाम के रूप में मिलना है। इसके अलावा जिले में दो ब्लॉक समिति सदस्य निर्विरोध रुप चुने गए हैं। इन्हें 2-2 लाख रुपए दिए जाने हैं। बल्लभगढ़ ब्लॉक में 354 पंचायत सदस्य निर्विरोध रूप से चुना गए हैं, इन्हें 50-50 हजार रुपए इनाम के रूप में मिलने हैं। जबकि फरीदाबाद ब्लॉक में 326 पंचायत सदस्य निर्विरोध रूप से चुने गए हैं। इन्हें 50-50 हजार रुपए इनाम के रूप में दिए जाने हैं।
सरपंच बोले कहां से कराएं विकास कार्य
-सरपंचों का कहना है कि जब पंचायत के पास पैसा ही नहीं आया है तो कहां से गांव का विकास कराएं। सरकार आज-कल पैसे देने की बात तो करती है लेकिन अभी तक कुछ नजर नहीं आ रहा है। अलीपुर के सरपंच अशोक कुमार का कहना है कि पैसे के अभाव में गांव का कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। पैसे आने के बाद ही कुछ काम शुरू होगा। ददसिया की सरपंच प्रीती कौशिक और भूपानी के सरपंच संजय कुमार ने भी पैसे न मिलने का दुखड़ा रोया।
-ग्रांट रिलीज करने का मामला सरकार का है। अभी तक हमारे पास ग्रांट नहीं आई है। जैसे ही ग्रांट मिलती है ग्राम पंचायतों को रिलीज कर दिया जाएगा।
-नरेंद्र चौहान, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी
-गांवों के विकास के लिए फरीदाबाद प्रशासन के खाते में डी प्लान, एचआरडीएफ समेत अन्य मदों से करोड़ों रुपये विकास कार्य के लिए आ चुके हैं। जिला पार्षदों के लिए भी पैसे आ गए हैं। जल्द ही एस्टीमेट बनवाकर उसे रिलीज करा दिया जाएगा। जहां तक बात इनाम राशि की है, मुख्यमंत्री से बात कर जल्द ही राशि दिलवाई जाएगी।
-कृष्ण पाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं स्थानीय सांसद
जिले की ग्राम पंचायतों का ब्योरा
फरीदाबाद में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या: 116
निर्विरोध चुनी गई ग्राम पंचायतों की संख्या: 03
चुनाव कराए गए ग्राम पंचायतों की संख्या: 113
तीन ग्राम पंचायतें लालपुर, प्रहलादपुर माजरा और बदरौला सर्व सम्मति से चुनी गई हैं।
-पलवल में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या: 215
-निर्विरोध चुनी गई ग्राम पंचायतों की संख्या: 04
-चुनाव कराए गए ग्राम पंचायतों की संख्या: 211
-जिले में चार ग्राम पंचायतें भंगूरी, चिल्ली, मीरपुर और जोधपुर सर्व सम्मति से चुनी गई हैं।