बल्लभगढ़ के गांव सिकरी में बुधवार को हुई ग्राम सभा ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। ग्राम सभा में वर्षो पुराने जातिगत श्मशान घाटों को एक में तब्दील करने पर सहमति बनी। प्रस्ताव की ग्रामीणों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी तारीफ की। बैठक में गांव के विकास से संबंधित 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता इंद्रेश देवी ने की। इस दौरान ग्राम उदय से भारत उदय अभियान पर चर्चा की गई। सरकार की नीतियों व लोकतंत्र को मजबूत करने, पंचायती राज के महत्व पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
बीडीओ उपमा अरोड़ा ने सरकार द्वारा लोगों व ग्राम के विकास की नीतियों के बारे में बताते हुए कहा कि जो विकास के लिए प्रस्ताव इस बैठक में शमिल होंगे उन प्रस्तावों को प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा, ताकि उनका समाधान तुरंत प्रभाव से हो सके। इस मौके पर युवा सोहनपाल छौंकर ने गांव में जातिगत श्मशान घाटों पर सवाल उठाए और उन्हें एक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मरने के बाद व्यक्ति की जाति नहीं होती।
इसलिए गांव में जातिगत श्मशान नहीं होने चाहिए। इस प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया। इसके अलावा बैठक में ग्राम सचिवालय, व्यायामशाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कन्या विद्यालय, अंबेडकर पार्क सहित 25 प्रस्ताव पारित हुए। बैठक में गांव के जोहड़ में गलियों का गंदा पानी न आए, इसके लिए विशेष योजना बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
गलियों, नालियों एवं अन्य सुविधाओं को तुरंत प्रभाव से हल करवाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में कृषि विभाग की एडीओ संगीता, पंचायत सचिव विजयपाल, कृष्ण बाबू, बृजपाल, राजकुमार, बलराम, शीशपाल, प्रेमपाल मास्टर, टिपरभान असहित सहित अनेक लोग मौजूद थे।