चौध्ारी चरणसिंह विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक की चौथी कटऑफ बुधवार को जारी नहीं हो सकी। तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए विवि ने अब बृहस्पतिवार की दोपहर तक कटऑफ जारी करने की बात कही है।
विवि ने पहली तीनों कटऑफ से एडमिशन लेने से वंचित छात्रों को दाखिले का एक और मौका दिया गया। विवि की ओर से उपलब्ध कराए गए लिंक पर ऐसे छात्रों ने बुधवार को री-कंसीडर रजिस्ट्रेशन कराया।
रिजल्ट ने रोका पीजी में रजिस्ट्रेशन
जुलाई का तीसरा सप्ताह चलने केबावजूद अभी तक विवि स्नातक फाइनल ईयर का रिजल्ट जारी नहीं कर सका है। इसके चलते परास्नातक में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पर अभी भी ब्रेक लगा हुआ है।
स्नातक फाइनल ईयर के छात्र रिजल्ट के लिए बेहद परेशान हैं। सीसीएसयू केअलावा अन्य विवि में एडमिशन की चाह रखने वाले छात्र बेहद परेशान हैं, जबकि स्नातक की तीन कटऑफ से एडमिशन हो चुके हैं।
11 का आई कटऑफ, 16 को आया एसएमएस
विवि की लचर तकनीकी व्यवस्था कई छात्रों के करियर में रुकावट बनती जा रही है। ऐसा ही मामला एसडी कॉलेज में आया।
बीए में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाली छात्रा अमरीन का 11 जुलाई को जारी हुई दूसरी कटऑफ में नाम तो आया, लेकिन एडमिशन का एसएमएस उसे 16 जुलाई को सुबह साढ़े तीन बजे पहुंचा। परिजनों के साथ कॉलेज पहुंची छात्रों को निराशा हाथ लगी।
फार्म में करेक्शन न होने से मेधावी हो रहे रेस से बाहर
विवि की दाखिला प्रक्रिया में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फार्म में त्रुटियों को सुधारने का विकल्प नहीं है। ऑनलाइन सुधार का विकल्प नहीं होने से स्पोर्ट्स व अन्य वरीयताओं के बल पर तीनों मेरिट में नाम आने वाले कई छात्र दाखिले की दौड़ से बाहर हो गए हैं।
एमएमएच केचीफ प्रॉक्टर डा. डीके गौतम ने बताया कि करीब 30 छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने नामांकन फार्म में स्पोर्ट्स व अन्य वेटेज भर दी, जबकि वे पात्र ही नहीं थे। अब ऐसे मेधावी दाखिले की दौड़ में बने रहें, इसके लिए विवि को पहल करनी चाहिए।