यूं तो जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस एक आम बात हो चुकी है लेकिन अब भारत में निर्मित अति आधुनिक जीपीएस डिवाइस ने सभी को हैरान कर दिया है, क्योंकि इस डिवाइस में उन सभी कमियों को दूर किया गया है, जिनके कारण भारतीय माहौल में लोगों को इसके इस्तेमाल में असुविधा होती थी। भारतीयों की परेशानी के मद्देनजर इंडियन ऑटो कंपनी द्वारा यह जीपीएस वेब और मोबाइल यंत्रों पर हमारे डिवाइस एग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म पर वाहनों को ट्रैक कर सकते हैं और सुरक्षा तथा अनुपालन सुनिश्चित करते हैं।
इनमें खासतौर पर आपातकाल के लिये पैनिक बटन है, जो यात्रियों के लिये सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करता है और संबद्ध अथॉरिटी इस पर समय रहते प्रतिक्रिया देती है। इसकी उपयोगिता देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा जारी नये गैजेट नोटिफिकेशन के अनुसार सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों और नेशनल परमिट वाले वाहनों में 1 जनवरी 2019 से आईएएस 140 मानक वाले ट्रैकिंग यंत्र होना अनिवार्य है।
इंडियन ऑटो कंपनी (आईएसी) नई दिल्ली में स्थित डीआईपीपी पंजीकृत स्टार्ट-अप है द्वारा प्रस्तुत यह डिवाइस ड्राइवर के व्यवहार को भी देखता है, जैसे तेज गति, तीव्र एक्सीलरेशन, ब्रेकिंग, कॉर्नरिंग, नाइट ड्राइविंग और अन्य महत्वपूर्ण मापदंड। बदले में यह चालन का सही अभ्यास सुनिश्चित करता है, ताकि वाहन टूट-फूट से बचे और ईंधन की बचत हो, साथ ही यह चालक, यात्रियों और सड़क का उपयोग करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा में सहायक है।
गौरतलब है कि इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स (आईटीएस) का लक्ष्य क्षमता, गुणवत्ता, आरामदेयता और सुरक्षा के लिहाज से विश्वभर में परिवहन प्रणाली को उन्नत करना है और भारत में एमओआरटीएच ने वर्ष 1997 में एक स्थायी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैण्डर्ड्स कमिटी (एआइएससी) बनाई थी, जो विभिन्न ऑटोमोटिव मानक जारी करती है, जैसे वर्तमान के एआईएस 140 दिशा-निर्देश, जो सार्वजनिक परिवहन वाहन परिचालन के लिये आवश्यक आईटीएस घटकों की व्याख्या करते हैं। एआईएस 140 मानक का पालन करने वाले यह व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम्स भारत के 22 राज्यों और 70 से अधिक शहरों में फैले आईएसी के नेटवर्क द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं।