क्राव मागा सेल्फ डिफेंस सीखती स्कूली छात्राएं
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16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया कांड दिल्ली में हुए कांड की बरसी पर लड़कियों को 'नो मोर निर्भया' वर्कशॉप में इजरायली तकनीक क्राव मागा की ट्रेनिंग दी गई। एनजीओ वॉयस ऑफ स्लम और इंटरनेशनल अल्टिमेट क्राव मागा फेडेरेशन ने मिलकर सेक्टर 44 के मूलचंद स्कूल में स्लम और स्कूल की बच्चियों को क्राव मागा की ट्रेनिंग दी।
वॉयस ऑफ स्लम की संस्थापक चांदनी दी, जो खुद अपना बचपन स्लम में बिताया है, ने कहा कि लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस सीखना आज के जमाने में जरूरत नहीं आवश्यकता है। हर लड़की की जिम्मेदारी है कि वो खुद को सुरक्षित कैसे रखे। इसके लिए क्राव मागा से बेहतर सुगम विधा कोई नहीं है। हमने दो सौ से भी ज्यादा लड़कियों को करीब 3 घंटे तक सेल्फ डिफेंस की बेसिन ट्रेनिंग करवाई।
आज की मॉर्डन सोसाइटी की जिम्मेदारी है कि वो स्लम के बच्चों बच्चियों का ध्यान रखें और वॉइस ऑफ स्लम एनजीओ कई महीनों से गरीब बच्चियों को मुफ्त ट्रेंनिंग दे रहे हैं ताकि वो अपना बचाव कर सकें। आईयूकेएमएफ (इंटरनेशनल अल्टिमेट क्राव मागा) कई स्टेट पुलिस फोर्स और सेंट्रल पुलिस फोर्स के साथ सेना और एनएसजी कमांडोज को भी ट्रेनिंग देती है।