जल और पर्यावरण मंत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
यमुना की सफाई के लिए सरकार सीईटीपी सिस्टम को मजबूत करेगी। इसके लिए सोमवार को जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि यमुना को प्रदूषित करने में इंडस्ट्रियल वेस्ट जिम्मेदार है।
बैठक के केंद्र में खास तौर पर कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की भूमिका और उसकी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना रहा। जल मंत्री ने कहा कि औद्योगिक कचरा को अगर समय पर ट्रीट किया जाए तो नदी को काफी हद तक साफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सीईटीपी की क्षमता और मॉनिटरिंग को मजबूत करने की जरूरत है। बैठक में तय हुआ कि सीईटीपी की निगरानी मजबूत की जाएगी।
अधिकांश गंदा पानी बिना शोधन के नदी में गिर रहा
दिल्ली में यमुना की स्थिति अब भी चिंताजनक है। शहर से निकलने वाला अधिकांश गंदा पानी बिना 100 प्रतिशत शोधन के नदी में जाता है, जिससे झाग, बदबू और पानी की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। स्थिति को सुधारने के लिए सरकार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को छोटे-छोटे डीसेंट्रलाइज्ड मॉडल पर विकसित करने पर काम कर रही है। जल मंत्री ने कहा कि अगर सीईटीपी और एसटीपी दोनों सिस्टम सही तरीके से काम करने लगे तो यमुना की सफाई में बड़ा बदलाव दिख सकता है।