आप सरकार ने बजट में आम बच्चों के लिए अपना खजाना खोल दिया है। सरकार ने बीते साल की तरह ही इस बार भी शिक्षा पर मुख्य फोकस रखते हुए 2016-17 के लिए 10, 690 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव पेश किया गया है।
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जिसमें से 4645 करोड़ रुपये योजना मद के तहत खर्च किए जाएंगे। यह सरकार के कुल बजट का 23 फीसदी है। सरकार ने शिक्षा के कार्यों को तीन हिस्सों में बांटा है। पहला पर्याप्त सुविधाएं एवं संसाधन, दूसरा योग्य टीचर तैयार करना व तीसरा छात्रों को उम्दा पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना ताकि वह जिम्मेदार नागरिक व प्रोफेशनल बन सकें।
बजट में सरकारी स्कूलों के लिए मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये स्कूलों पर नजर रखने की बात कही गई है। इस तरह से स्कूल खुलने के 3 से 4 घंटे के अंदर प्रत्येक स्कूल की जानकारी शिक्षा मंत्री के ऐप पर उपलब्ध होगी।
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टीचर ट्रेनिंग के लिए अब शिक्षकों को हॉवर्ड, कैम्ब्रिज भेजने की तैयारी
Arvind Kejriwal
सरकार हर स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम कर रही है। इन सीसीटीवी कैमरों की फीड इंटरनेट के जरिये अधिकारियों, शिक्षा मंत्री व अभिभावकों को उपलब्ध होगी। इस योजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं टीचर ट्रेनिंग के लिए अब शिक्षकों को हॉवर्ड, कैम्ब्रिज भेजने की तैयारी है और एससीईआरटी के ट्रेनिंग कोर्सेज को अब अपग्रेड किया जा रहा है। विदेशी संस्थानों में एजुकेशन लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम शामिल है। बीते वित्त वर्ष में इसके लिए 9.4 करोड़ रुपये रखे थे जो कि इस बार बढ़ाकर 102 करोड़ कर दिए हैं।
सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू करने जा रही है। खेलों के लिए 55 स्कूलों में फुटबॉल व टेनिस के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और खेल प्रतिभा विकास विद्यालय और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित करने की तैयारी है, खेलों के विकास के लिए 48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वोकेशनल शिक्षा पर मुख्य फोकस
अरविंद केजरीवाल
स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा के लिए 152 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया है। सौ स्मार्ट कॅरियर कॉलेज खोलने की योजना है जिनमें 50 हजार छात्रों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा के स्तर पर डीयू से संबद्ध दिल्ली सरकार के तीन कॉलेजों में डबल शिफ्ट शुरू होंगी और सात कॉलेजों में वित्त पोषित पाठ्यक्रम शुरू होंगे। इससे कटऑफ का स्तर कम करने में मदद मिलेगी।
वहीं आचार्य नरेन्द्र देव, भगिनी निवेदिता कॉलेज के नए कैंपस के निर्माण की भी तैयारी है। विवेक विहार, मंडोली और नरेला में नए कॉलेजों व परिसरों के निर्माण की योजना है।
सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर स्थिति में लाने के लिए योग्य शिक्षक भर्ती होंगे। 5500 नए शिक्षकों की नियुक्तियां अंतिम चरण में हैं। वहीं गेस्ट शिक्षकों को स्थायी करने के लिए विशेष अवसर दिए जाने की योजना को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए 9,623 नए अध्यापकों की पोस्ट को सृजित कर ली गई हैं।
सरकार ने 21 नए स्कूल बना लिए हैं, जोअगले सत्र से दो शिफ्ट में उपलब्ध होंगे। सरकारी स्कूलों में आठ हजार नए कमरे बनाएंगे हैं जो कि 200 स्कूलों के बराबर संसाधन है और यदि इन्हें दो शिफ्टों में चलाया जाता है तो चार सौ स्कूलों के बराबर है। ये भी अगले सत्र से उपलब्ध होंगे। सभी स्कूलों में शौचालय ग्रीन बोर्ड, स्वच्छ पेयजल का इंतजाम कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु
. किसी भी शिक्षक व प्रिंसिपल को जनगणना और अन्य सर्वे में नहीं भेजा जाएगा।
. स्कूल खुलने से पहले प्रतिदिन मूलभूत सुविधाओं की जांच होगी।
. खेल व कौशल विश्वविद्यालय के लिए जमीन निर्धारित कर ली गई है।
. आईआईटी कोर्सेज को बेहतर बनाने के लिए मारुति, सिमंस, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों से अनुबंध किए।
. रजोकरी में इस साल सरकार ने नया पॉलिटेक्निक शुरू कर दिया है। मंडोली, कादीपुर, बक्करवाला व झड़ोदा माजरा में पॉलिटेक्निक का काम तेजी से चल रहा है।
. शैक्षिक संस्थानों के लिए इन्क्यूबेशन नीति शुरू की है। आगामी वर्ष में अन्य संस्थानों में ऐसे केंद्र स्थापित होंगे।