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सर्दियों में प्रदूषण पर सरकार का वार: 1 नवंबर से वर्क फ्रॉम होम, पार्किंग फीस दोगुनी; निर्माण-तोड़फोड़ पर रोक

Mon, 28 Sep 2026 01:06 PM IST
Vijay Singh Pundir आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, दिल्ली

सार

सर्दियों के दौरान दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने सख्त पाबंदियों का फैसला किया है। दिल्ली सरकार ने कहा कि 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग जगहों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। वहीं, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों को लेकर प्रतिबंधों की घोषणा की गई है।
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सीएम रेखा गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने वाहनों से लेकर निर्माण, उद्योग, कूड़ा जलाने और प्रदूषण हॉटस्पॉट तक पर एक साथ शिकंजा कसने की तैयारी की है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को सचिवालय में बताया कि 500 पेट्रोल पंपों पर नो पीयूसी-नो फ्यूल व्यवस्था लागू की जाएगी। 

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एक नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत पुराने उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर भी रोक लगाने की तैयारी है। इसके साथ पार्किंग शुल्क दोगुना करने, 10 दिसंबर से निर्माण-तोड़फोड़ पर पूर्ण रोक और प्रदूषण वाले इलाकों की सीधे निगरानी का फैसला लिया गया है। वैध पीयूसी के बिना ईंधन नहीं देने का प्रावधान दिल्ली के स्थायी शीतकालीन प्रदूषण प्लान में भी शामिल है।

दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर नो पीयूसी-नो फ्यूल व्यवस्था लागू की जाएगी। यानी वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होने पर वाहन को ईंधन नहीं मिलेगा। दिल्ली सरकार का यह कदम वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर सीधे नियंत्रण की कोशिश है। केंद्र के स्तर पर भी पूरे एनसीआर में वैध पीयूसी के आधार पर ईंधन देने की व्यवस्था एक अक्टूबर 2026 से लागू करने की दिशा में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
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बाहर के पुराने वाहनों पर भी शिकंजा
एक नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत पुराने उत्सर्जन मानक वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं देने की तैयारी है। स्थायी शीतकालीन प्लान में गैर-दिल्ली पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के वाहनों पर एक नवंबर से 31 जनवरी तक रोक का प्रावधान है। इलेक्ट्रिक वाहनों व कुछ जरूरी सेवाओं को इसमें छूट दी गई है।

पार्किंग महंगी, ईवी को राहत
निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त पार्किंग शुल्क नहीं लगाने की बात कही गई है। सरकार का जोर निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने पर है। स्थायी शीतकालीन प्लान में भी एक नवंबर से फरवरी के अंत तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना करने का प्रावधान है।

10 दिसंबर से निर्माण-तोड़फोड़ पर पूरी रोक
सर्दियों में धूल से होने वाले प्रदूषण पर भी बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार के मुताबिक 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण रोक रहेगी। वहीं धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाले सिविल निर्माण पर व्यापक पाबंदी एक नवंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेगी।

हॉटस्पॉट पर सीएम-मंत्री खुद उतरेंगे
प्रदूषण हॉटस्पॉट की निगरानी अब सिर्फ अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और अन्य मंत्री खुद हॉटस्पॉट का दौरा करेंगे। जिलाधिकारियों के माध्यम से हॉटस्पॉट के तीन किलोमीटर के दायरे की निगरानी की जाएगी। सरकार ने दिल्ली में प्रदूषण की निगरानी के लिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 करने की भी बात कही है।

1872 सड़कों पर हरियाली और मरम्मत
सड़क से उठने वाली धूल को कम करने के लिए 1872 सड़कों पर हरियाली बढ़ाने और सड़क के पैच ठीक करने का काम किया जाएगा। इसके साथ 15 प्रमुख सड़कों को सिग्नल फ्री करने की योजना भी बनाई गई है। यातायात का दबाव और वाहनों के लंबे समय तक सड़कों पर खड़े रहने से होने वाला उत्सर्जन कम करने के लिए सड़क प्रबंधन में बदलाव जरूरी है।

कूड़ा जलाने पर चार विभागों की टीम
खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं पर कार्रवाई के लिए चार सदस्यीय प्रवर्तन टीम बनाई जाएगी। इसमें पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और एमसीडी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। पूर्वी दिल्ली में ई-वेस्ट जलाने की घटनाओं पर भी सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। मंत्री के अनुसार ऐसी इकाइयों को सील किया जाएगा और दोबारा खुलने से रोकने के लिए सख्त निगरानी होगी।

उद्योगों की मॉनिटरिंग, प्रदूषण हुआ तो सील
औद्योगिक इकाइयों की भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। मंत्री ने कहा कि सभी तरह के उद्योगों की मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई होगी। उद्योगों में एयर कंट्रोल डिवाइस लगाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सर्दियों के दौरान हीटिंग जोन बनाने और वहां पौधरोपण करने की योजना भी बताई गई है।

मेट्रो की आखिरी कड़ी मजबूत होगी
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के 222 मेट्रो स्टेशनों पर लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर करने का काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस निजी वाहनों पर निर्भरता घटाकर लोगों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने पर है। इसके साथ फिटनेस टेस्ट स्टेशनों की व्यवस्था को भी मजबूत करने की बात कही गई है।
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