लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के 1.56 करोड़ मतदाताओं में एक लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी हैं।
इनका वोट संगठित होता है, जो प्रत्याशियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इनमें करीब 31 हजार महिलाकर्मी बताई गई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कर्मचारी मतदाताओं में रोहतक और भिवानी जिले पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि साइबर सिटी गुड़गांव तीसरे पायदान पर है। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद व सिरसा निचले पायदान पर है।
विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवारों द्वारा कर्मचारियों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। ऐसे में कोई भी प्रत्याशी कर्मचारियों को नाराज नहीं करना चाहेगा। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा का कहना है कि किसी भी चुनाव में कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
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हर पार्टी कर्मचारियों को अपने तरीके से पक्ष में करने की पुरजोर कोशिश करती है। इस चुनाव में भी जो पार्टी कर्मचारियों की अनदेखी करेगी उसका परिणाम उन्हें वोट के रूप में देखने को मिलेगा। क्योंकि एक कर्मचारी के साथ उसके परिवार के अन्य सदस्य भी चुनाव को प्रभावित रखने की क्षमता रखते हैं।
संसदीय क्षेत्रवाइज कर्मचारियों की संख्या:
कहां कितने कर्मचारी:
लोकसभा क्षेत्र.......कुल कर्मी.........पुरुष...........महिला
रोहतक...................25,586...........17,728..........7,858
भिवानी..................25,353............16,722.........8,631
गुड़गांव..................14,102...............9429..........4673
हिसार.....................7,513..............6158...........1355
फरीदाबाद................3741...............2618............1123