दिल्ली के मौजपुर जम्मू मोहल्ला स्थित मकुन्स किड्स अनप्लग्ड प्ले स्कूल व डे-केयर सेंटर को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। यहां छोटे बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बिना किसी सुरक्षा प्रमाणपत्र के अवैध रूप से स्कूल चल रहा था। जांच टीम ने पाया कि स्कूल में न केवल बुनियादी सुरक्षा मानकों की कमी थी, बल्कि नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा था।
यमुना विहार एसडीएम शक्ति बांगर के नेतृत्व में की गई औचक जांच के दौरान स्कूल परिसर में सुरक्षा और कानूनी मानकों के उल्लंघन की ऐसी खौफनाक तस्वीरें सामने आईं, जो किसी भी बड़े हादसे को दावत दे सकती थीं। मौके पर स्कूल के निदेशक द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब या जरूरी अनुमति पत्र पेश न कर पाने के कारण प्रशासन ने जनसुरक्षा के हित में यह सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई डीडीएमए एक्ट (2005), डीएमसी एक्ट (1957) और दिल्ली फायर सर्विस एक्ट (2007) के प्रावधानों के तहत की गई है।
बेसमेंट में कक्षाएं और बंद मिला इमरजेंसी एग्जिट
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन बेहद संकीर्ण और खतरनाक परिस्थितियों में बच्चों कक्षाएं चला रहा था। स्कूल के बेसमेंट (तहखाने) में कमरे बनाकर वहां क्लासें चलाई जा रही थीं, जो डीएमसी एक्ट, 1957 का सीधा उल्लंघन है। जांच टीम ने पाया कि संकट के समय बाहर निकलने का आपातकालीन रास्ता (इमरजेंसी एग्जिट) और सीढ़ियां पूरी तरह ब्लॉक थीं। इसके अलावा, आग बुझाने के लिए लगा एकमात्र अग्निशामक यंत्र भी खराब हालत में मिला और कमरों में हवा के आने-जाने (वेंटिलेशन) की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी।
रिहायशी इलाके में व्यावसायिक खेल
यह प्ले स्कूल न केवल अवैध निर्माण पर चल रहा था, बल्कि रिहायशी इलाके में अवैध व्यावसायिक गतिविधि की जा रही थी। स्कूल के पास बिल्डिंग का कोई स्वीकृत नक्शा, कंपीलीशन या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं था। सुरक्षा को ताक पर रखकर पहली मंजिल पर घरेलू गैस सिलेंडर से रसोई चलाई जा रही थी, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। परिसर के भीतर अवैध रूप से बोरवेल भी मिला।
बीकन पब्लिक स्कूल गैर-मान्यता प्राप्त
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने ट्वीट किया कि शिक्षा विभाग ने इस बात का संज्ञान लिया है कि बीकन पब्लिक स्कूल एक गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल है। विभाग ने स्कूल परिसर का निरीक्षण कर लिया है और अभी विस्तृत जांच चल रही है। अगर नियमों का कोई उल्लंघन, अनियमितता या तय मानकों का पालन न करने की बात सामने आती है, तो RTE एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच के नतीजों के आधार पर, कानून के अनुसार स्कूल को बंद करने सहित उचित कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली सरकार हमारे बच्चों की सुरक्षा और भलाई से कोई समझौता नहीं करेगी। किसी भी स्कूल या संस्थान को कानून या तय नियमों का उल्लंघन करके चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जांच के दौरान कोई भी उल्लंघन पाए जाने पर सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।