घरों की छतों पर मोबाइल टावर लगाकर कमाई करना अब मकान मालिकों को महंगा पड़ेगा। नगर निगम ऐसे मकानों से चार गुना हाउस टैक्स वसूलेगा। खाली प्लाटों में टावर लगाने पर उनसे भी टैक्स वसूली होगी। शासन ने नई टैक्स पॉलिसी में ऐसे मकानों को कामर्शियल कैटेगरी में शामिल किया है।
शहर में करीब सात सौ मोबाइल टावर लगे हैं। मकान मालिक एक-एक टावर का किराया 40 से 70 हजार रुपये महीना तक ले रहे हैं। मगर इनसे सरकार को कोई फायदा नहीं हो रहा है। उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग ने अब इन टावरों को कामर्शियल श्रेणी में शामिल कर इनसे ज्यादा टैक्स वसूलने की तैयारी कर ली है।
बाकायदा टैक्स नीति में बदलाव कर टावर ही नहीं मकानों की छतों पर होर्डिंग्स लगाकर कामर्शियल इस्तेमाल करने वालों से भी चार गुना टैक्स वसूलने के आदेश हैं।
कर अधीक्षक सिटी जोन सुधीर शर्मा का कहना है कि ऐसे मकानों का सर्वे किया जा रहा है जिन पर टावर लगे हैं। इन्हें नई टैक्स पॉलिसी के मुताबिक चार गुना टैक्स का डिमांड बिल भेजा जाएगा।