केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत गर्दन की हड्डी टूटने की वजह से हुई थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी गर्दन में पहले से ही लोहे की रॉड पड़ी हुई थी, जिस कारण वो गर्दन को मोड़ नहीं सकते थे।
हादसे में उनकी गर्दन एकदम मुड़ गई, जिससे सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड में फ्रैक्चर आ गया था।
शॉक से फट गया लिवर
पुलिस के अनुसार, इंडिका कार की टक्कर से केंद्रीय मंत्री अपनी एसएक्स-4 में उछलकर राइड साइड में खिड़की से टकराए थे। इससे उनकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी।
साथ ही शॉक वेव से उनका लिवर फट गया था। इससे उनके शरीर में तीन से चार लीटर खून जमा हो गया था। एक्सपर्ट व एफएसएल अधिकारियों का कहना है कि भाजपा नेता की मौत एक्सीडेंट की वजह से ही हुई है।
बता दें कि मंगलवार को दिल्ली में एक सड़क हादसे में गोपीनाथ मुंडे की जान चली गई थी।
घर नहीं आया आरोपी
पुलिस के अनुसार, इंडिका कार के चालक गुरविंदर की शिनाख्त परेड (टीआईपी) कराई जाएगी। तुगलक रोड थाना पुलिस ने गुरविंदर को हिदायत दी है कि वह खुले में न घूमे और ज्यादातर समय मुंह ढक कर रखे।
वहीं, गुरविंदर भाई के साथ घर से गायब है। बुधवार को उसके न्यू गोविंदपुरा, महरौली स्थित किराए के घर पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों ने बताया कि कोर्ट से जमानत के बाद वह घर नहीं आया है।
हादसे के बाद गोपीनाथ गाड़ी में सीधे बैठ नहीं पाए। पीए सुरेंद्र नैय्यर गाड़ी में पीछे बैठे और भाजपा नेता को पकड़कर अस्पताल तक ले जाया गया। भाजपा नेता के स्टाफ ने बताया कि वह गाड़ी में बेहोश हो गए थे।