दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा में लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के पर्यावर्ण मंत्री गोपाल राय ने एनसीआर राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के साथ तुरंत बैठक बुलाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को पत्र लिखा है। इसी के साथ उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि वे पड़ोसी राज्यों से दिल्ली में बीएस छह मानदंडों का पालन न करने वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी ढंग से प्रतिबंध लगाएं और एनसीआर में भी ऐसे वाहनों पर प्रतिबंध लगाएं।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में पिछले दो दिन से प्रदूषण के स्तर में बढोतरी दर्ज की जा रही थी। राहत की बात ये है की आज इस स्तर में गिरावट देखी गई है। दिल्ली से ज्यादा प्रदूषण दिल्ली के बाहर फैला हुआ है। ग्रेप तीन के तहत कई बड़े फैसले लिए गए हैं। भाजपा के नेता सीपी के स्मॉग टॉवर बंद होने पर सरकार पर झूठा आरोप लगा रहे हैं। कनॉट प्लेस स्थित स्मॉग टावर के बारे में जानकारी देते हुए गोपाल राय ने कहा कि सभी परंपराओं का उल्लंघन करते हुए केंद्र सरकार ने अश्विनी कुमार को डीपीसीसी (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति) का अध्यक्ष नियुक्त किया। अपनी महाशक्ति का इस्तेमाल करते हुए अश्विनी कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया और स्मॉग टावर के अध्ययन के लिए भुगतान को रोक दिया। इसके बाद, एजेंसियों ने अध्ययन बंद कर दिया और स्मॉग टॉवर बंद कर दिया गया। वहीं, बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनसीआर राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के साथ तुरंत बैठक बुलाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को गोपाल राय ने पत्र लिखा है।
सीएम योगी से की अपील
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्री गोपाल राय ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से राष्ट्रीय राजधानी में बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल वाहनों की सेवाओं को रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक बसें और सीएनजी बसें हैं, लेकिन यूपी से, प्रतिबंधित बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों को आनंद विहार बस डिपो में भेजा जा रहा है। मेरा उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध है कि वे ऐसे वाहनों को भेजना बंद करें जो इतना धुआं छोड़ते हैं।" हमने फिलहाल दिल्ली में सभी निर्माण रोक दिए हैं, और बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन ये वाहन बाहर से आ रहे हैं, मैं योगी से इसे रोकने का अनुरोध करता हूं ताकि हम वाहन के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित कर सकें।
वहीं, आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और हमारे पर्यावरण मंत्री लगातार जमीन पर काम कर रहे हैं। दिल्ली के लोगों और सरकार की कड़ी मेहनत के कारण, हमारे पास 200 अच्छे वायु दिवस थे। पंजाब में, हमने पराली जलाने की घटना को 50-67% तक कम किया है। पंजाब में हम हर जगह निगरानी कर रहे हैं, लेकिन अन्य सरकारें निगरानी तक नहीं कर रही हैं। मैंने कल एक रिपोर्ट पढ़ी, जिसमें भारत के 52 सबसे प्रदूषित जिलों में से 22 हरियाणा के हैं, जबकि सिर्फ 2 जिले पंजाब के हैं। हरियाणा में मॉनिटरिंग ही नहीं हो रही तो समाधान कैसे देंगे? समस्याओं से भागते हैं।
बता दें कि शनिवार सुबह को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार आनंद विहार में एक्यूआई 448 है, जो 'गंभीर' श्रेणी में है। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 421, द्वारका सेक्टर-8 में 435 और आईजीआई एयरपोर्ट (टी3) के आसपास 421 दर्ज किया गया है। नोएडा सेक्टर-116 में एक्यूआई 426 और नोएडा सेक्टर 62 में 428 है।