ऐप बेस्ड प्रीमियम बस मामले में परिवहन मंत्री रहे गोपाल राय मंगलवार को इस योजना में कथित घोटाले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) के मुखिया मुकेश कुमार मीणा से मिलने पहुंचे।
उनके साथ उनके संसदीय सचिव संजीव झा के अलावा पार्टी के कई विधायक अलका लंबा, अनिल वाजपेयी, कमांडो सुरेंद्र, सरिता सिंह और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। गोपाल राय एसीबी चीफ के साथ करीब एक घंटे तक रहे।
गोपाल राय ने बताया कि इस मुलाकात से पता चला है कि अभी तक एसीबी ने कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की है। इसके बाद उन्होंने एलजी से भी मुलाकात की।
एसीबी मुखिया से मुलाकात के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने बताया कि एसीबी चीफ ने इससे संबंधित जो भी सवाल पूछे हमने दस्तावेजों के साथ उनके समझ पेश किए।
उन्होंने कहा कि हमने आखिरी में उनसे इतना पूछा कि क्या अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर हुई है तो एसीबी चीफ मीणा ने मना कर दिया। उनसे पूछा गया कि जब इस मामले में कोई लेन देन नहीं हुआ तो घोटाला कैसे तो उन्होंने कोई जवाब नहीं था।
एसीबी के जरिए बनाया जा रहा दबाव
- फोटो : अमर उजाला
गोपाल राय ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनैतिक शिकायत है। इसके आधार पर एसीबी की तरफ से परिवहन विभाग के अधिकारियों पर पूछताछ के बहाने दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारियों को परेशान भी किया जा रहा है।
परिवहन मंत्री ने एसीबी चीफ से मिलने के बाद एलजी हाउस भी गए। वहां एलजी से मुलाकात के बाद बताया कि एलजी साहब ने कहा है कि उन्हें भ्रष्टाचार से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है।
हालांकि एसीबी अधिकारियों की माने तो इस एक घंटे की मुलाकात के दौरान परिवहन मंत्री से कई सवाल पूछे गए। इसमें पूरी योजना के बारे में जानकारी के साथ यह पूछा गया कि इसकी अधिसूचना जारी करने से पहले एलजी से मंजूरी ली है की नहीं। यह योजना कौन और कैसे लेकर आया। एसीबी का कहना है कि अभी तक इस मामले की जांच चल रही है।
गोपाल राय समर्थकों की जमकर नारेबाजी
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गोपाल राय के एसीबी कार्यालय पहुंचने से पहले उनकी विधानसभा से आए समर्थक एसीबी कार्यालय पहुंच चुके थे। विकास भवन दो जिसमें एसीबी का कार्यालय है उसके बाहर जमकर नारेबाजी की। एसीबी खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अपने नारों से निशाने पर मोदी सरकार को लिया। गोपाल राय के समर्थन में नारे लगाने के साथ मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह सरकार को काम नहीं करने दे रहे है।
गोपाल राय आने के बाद वह जब तक अंदर एसीबी कार्यालय में मौजूद रहे तब तक समर्थकों ने बाहर उनके समर्थन में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।