नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से हाईटेक बनाने की तैयारी कर ली गई है। आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के साथ ही इस एक्सप्रेसवे पर वाईफाई की सुविधा शुरू होने जा रही है। प्राधिकरण का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर वाहन चालक मार्च से 3जी (थर्ड जनरेशन) इंटरनेट नेटवर्क का मजा ले सकेंगे।
मंगलवार को आईटीएमएस कंट्रोल रूम का प्रेजेंटेशन देते हुए प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक जीपी सिंह ने बताया कि अगले 20 से 25 दिनों में वाईफाई शुरू हो जाएगा। फिलहाल, 3जी नेटवर्क मिलेगा, लेकिन कुछ समय बाद इसे 4जी में बदल दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर हाई स्पीड इंटरनेट की सेवा देने की तैयारी अंतिम चरणों में चल रही है। पूरे शहर में इसके लिए 160 मोबाइल टावर लगाए जाने हैं, जिनमें से 120 से ज्यादा टावर लग चुके हैं।
मोबाइल एप्लीकेशन (ऐप) से न सिर्फ एक्सप्रेसवे की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में सहायता लेने के लिए भी इसका प्रयोग किया जा सकेगा। कंट्रोल रूम के प्रभारी रजत मिश्रा ने बताया कि ऐप में दिए गए फंक्शन पर क्लिक करके नजदीकी अस्पताल, पेट्रोल पंप, एक्सप्रेसवे से बाहर निकलने और अंदर आने के रास्ते की जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही मोबाइल का बटन दबाकर कंट्रोल रूम में संपर्क साधा जा सकेगा।
कनेक्टिविटी नहीं कटेगी
एक्सप्रेसवे पर आईटीएमएस सुविधा के लिए 60 किलोमीटर लंबी ऑप्टीकल फाइबर केबल डाली गई है। इससे नेटवर्किंग का काम किया गया है कि अगर केबल कहीं से काट दी जाती है तो भी कंट्रोल रूम का संपर्क नहीं कटेगा। शहर में आपराधिक वारदात या हादसों को अंजाम देकर वाहनों में भागने वाले अपराधियों से निपटने की खास तैयारी है। पुलिस कंट्रोल रूम में जैसे ही वाहन का नंबर दर्ज होगा, आईटीएमएस उसे मेमोरी में फीड कर लेगा। जैसे ही एक्सप्रेसवे से यह वाहन गुजरेगा सिस्टम पुलिस को अलर्ट कर देगा।