टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 44.99 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। नजफगढ़ बस टर्मिनल 1.95 एकड़ में फैला है। इसका निर्माण कार्य 10 माह में पूरा होने की संभावना है। उम्मीद है कि वर्ष 2024 के सितंबर तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।
ऐसे में उबड़-खाबड़ रास्तों से नजफगढ़ बस टर्मिनल जाने वाले लोगों को छुटकारा मिलेगा। मौजूदा समय में बस टर्मिनल चहारदीवारी के पास बेतरतीब दुकानें हैं, जिस वजह से जाम लगता है। आधुनिकीकरण के साथ ही बस टर्मिनल पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। यात्रियों को बस टर्मिनल में मोहल्ला क्लीनिक की भी सुविधा मिलेगी। टर्मिनल पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। जगह उपलब्ध होने पर टर्मिनल पर शॉपिंग माल बनाए जाने की भी योजना है।
सामान के लिए होगी लॉकर की सुविधा
बस टर्मिनल का डिजाइन एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशन जैसा होगा। टर्मिनल में बस प्लेटफॉर्म के साथ-साथ पब्लिक प्लाजा भी होगा। यहां यात्रियों के पीने के पानी के लिए वाटर एटीएम, ई-कियोस्क और एटीएम की सुविधाएं भी होंगी। अगर कोई यात्री दूर से आता है तो वह यहां अपना सामान सुरक्षित रख सकता है, इसके लिए लॉकर की सुविधा भी होगी। एसी वेटिंग रूम भी होंगे। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसे लेकर जून 2022 में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के बीच समझौता एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।
चांदनी चौक, इंद्रलोक व लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशनों पर बेहतर होंगी सुविधाएं
दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। यात्रियों की सुविधा के लिए तीन और मेट्रो स्टेशनों को मल्टी मॉडल इंटिग्रेशन (एमएमआई) सिस्टम के तौर पर विकसित किया जाएगा। इनमें चांदनी चौक, इंद्रलोक और लक्ष्मी नगर स्टेशन शामिल हैं। इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने टेंडर प्रक्रिया जारी की है। इसका निर्माण कार्य दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। यात्रियों के लिए फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी मोड के तहत यह सेवा मिलेगी।
ऐसे में यात्रियों को अब मेट्रो स्टेशन से निकलने के बाद बस, ऑटो, कैब व ई-रिक्शा सेवा के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 12.50 करोड़ की लागत से ये तीनों स्टेशन आने वाले कुछ माह में एमएमआई के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन तीनों स्टेशनों के पास अतिक्रमण और जाम की समस्या दूर होगी। बता दें दिल्ली मेट्रो के 69 स्टेशनों में एमएमआई लागू हो गया है।
यह है एमएमआई
मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) सिस्टम में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक उपकरण है। डीएमआरसी न केवल अपने स्टेशनों पर एमएमआई सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयास कर रहा है, बल्कि इन सुविधाओं का निर्माण करते हुए स्टेशनों की सुंदरता में भी सुधार कर रहा है। डीएमआरसी सभी नियामक और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ काम कर रहा है, जिससे स्टेशनों को मल्टी मॉडल हब में तब्दील किया जा सकता है।