अस्पताल में बृहस्पतिवार को पहुंची देवकी ने बताया कि उनकी बहू लक्ष्मी को 9 जुलाई को लड़का हुआ था। डिलीवरी के बाद पेट की सफाई के नाम पर ग्लव्स अंदर ही छोड़ दिया। उसके बाद टांके भी लगा दिए। बाद में लक्ष्मी को दर्द होता रहा। वह पहले इस दर्द को नजरअंदाज करती रही। दर्द होने पर इधर-उधर निजी अस्पताल में दिखाते रहे।
पीड़िता की सास ने बताया कि बृहस्पतिवार को ज्यादा दर्द हुआ तो एक बड़े निजी अस्पताल में लेकर गए। यहां जांच के दौरान नर्स ने ग्लव्स को बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने इसे अस्पताल ले जाने को कहा। देवकी ने कहा कि वह बृहस्पतिवार को स्वामी दयानंद अस्पताल जाकर पुलिस को इस मामले में फोन किया। फिलहाल प्रशासन और पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी है और शुक्रवार को आने को कहा है। उनका कहना है कि पुलिस को शिकायत दे दी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
वहीं, इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरोत्तम दास का कहना है कि महिला की डिलीवरी सामान्य हुई थी। ऐसे में ग्लव्स छोड़ने की बात संभव नहीं है। फिर भी, पीड़ित महिला को अस्पताल लाने को कहा है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। शुक्रवार को इस मामले में जांच की जाएगी।