लड़कियों को काम दिलाने के बहाने अगवा कर उनकी जबरन शादी कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह गरीब लड़कियों को पुरानी और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा करते थे।
उसके बाद वह उनकी शादी वैसे युवकों से कराते थे जिनका किसी कारण से विवाह नहीं हो पाता था। उसके बदले में वे उनसे 40 हजार से 60 हजार रुपये लेते थे।
क्राइम ब्रांच ने गिरोह के मुखिया समेत दुल्हन खरीदने वाले दो युवकों को भी गिरफ्तार करने के साथ दो लड़कियों भी बरामद की है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल की 12 लड़कियों बेच चुका है गिरोह
पुलिस ने गैंग लीडर अरविंद समेत दोनों खरीदार युवकों नरेंद्र और संदीप के खिलाफ अपहरण, रेप, पोक्सो समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। तीनों यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं।
अभी तक की जांच में पता चला है कि गिरोह झारखंड और पश्चिम बंगाल की करीब 12 लड़कियों को बेच चुका है। जिसमें पुलिस दो लड़कियों को बरामद कर चुकी है।
क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र यादव ने बताया कि गिरोह नई और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सक्रिय था। उनकी नजर पश्चिम बंगाल और झारखंड से काम के लिए दिल्ली आनेवाली गरीब लड़कियों पर रहती थी।
उत्तर प्रदेश के इलाकों में भेजी जाती थी लड़कियां
काम दिलाने के बहाने वह उन लड़कियों को साथ ले जाते थे। बाद में वह उन्हें पैसे लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन इलाकों में बेचते थे, जहां विभिन्न कारणों से युवकों की शादी नहीं होती है।
पुलिस के अनुसार वे बागपत, शामली में भी लड़की बेच चुके हैं। पश्चिम बंगाल की एक 14 साल की लड़की को मुजफ्फरनगर के गोला गांव से बरामद किया गया है।
उसे नरेंद्र नामक युवक ने 40 हजार में खरीदा था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस रैकेट में शामिल अरविंद की पत्नी अंजलि व रवि पंडित नामक एक अन्य आरोपी को पुलिस तलाश कर रही है।
इस तरह से मामले का हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक 21 नवंबर को उन्हें झारखंड की एक लड़की के पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से गायब होने की शिकायत मिली थी।
मामले की जांच तीन दिसंबर को क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंपी गई। जांच में लड़की के यूपी के बुढ़ाना में होने की सूचना मिली।
उस लड़की को संदीप के घर से बरामद किया गया। लड़की ने बताया कि उसे और उसकी चचेरी बहन को मुजफ्फरनगर के अरविंद और उसकी पत्नी अंजलि ने मिलकर पुरानी दिल्ली से अगवा किया था।