फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिव: मरे पिता को जिंदा करने के लिए दो महीने के बच्चे की बलि देना चाहती थी श्वेता, पूजा करते हुए अरेस्ट

Sat, 12 Nov 2022 05:18 AM IST
Vikas Kumar पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

श्वेता अपनी मां के साथ रहती है। करीब पांच वर्ष पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। उसे किसी ने बताया कि बच्चे की बलि चढ़ाने से उसके पिता फिर से दुनिया में आ जाएंगे।
विज्ञापन
सकुशल बरामद बच्चा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की राजधानी दिल्ली में दिल दहला देने वाली अनोखी घटना सामने आई है। दक्षिण दिल्ली के कोटला मुबारकपुर इलाके में रहने वाली युवती ने अपने मरे पिता को जिंदा करने के लिए मानव बलि के नाम पर हत्या करने के लिए दो महीने के मासूम का अपहरण कर लिया। वह बच्चे की पूजा कर रही थी। वह मानव बलि के नाम पर बच्चे की हत्या करती उससे पहले ही अमर कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और मासूम को सकुशल बचा लिया। अमर कॉलोनी पुलिस ने युवती श्वेता (30) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी युवती की मां की भूमिका की जांच कर रही है।

विज्ञापन

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुकुल देवी पत्नी राजेश सिंह ममराज मोहल्ला, ईस्ट ऑफ कैलाश में रहती हैं। मुकुल देवी को 18 वर्ष बाद आईवीएफ से दो महीने पहले बच्चा हुआ था। बृहस्पतिवार शाम को बच्चा अचानक घर से गायब हो गया। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत अमर कॉलोनी थाने में की। इस बाबत शुक्रवार को अमर कॉलोनी थाने में मामला दर्ज किया गया।

एसीपी, कालकाजी प्रदीप कुमार की देखरेख में अमर कॉलोनी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने जांच के बाद कोटला मुबारकर पुलिस से श्वेता को शुक्रवार दोपहर को गिरफ्तार कर लिया। श्वेता बच्चे की पूजा कर रही थी। पूजा के बाद वह मानव बलि के नाम पर बच्चे की हत्या करती। हत्या के लिए उसने औजार भी जुटा लिए थे।
विज्ञापन

श्वेता अपनी मां के साथ रहती है। करीब पांच वर्ष पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। उसे किसी ने बताया कि बच्चे की बलि चढ़ाने से उसके पिता फिर से दुनिया में आ जाएंगे। इसके लिए उसने बच्चे की तलाश शुरू की। उसने इसके लिए सफदरजंग अस्पताल जाना शुरू किया। उसने साजिश के तहत मुकुल देवी से जान-पहचान कर ली। मुकुल देवी बच्चे को दिखाने सफदरजंग अस्पताल जाती थी। इसके लिए तहत उसने पीड़ित परिवार के घर आना-जाना शुरू कर दिया। वह गुरुवार को पीड़ित परिवार के घर गई और बच्चे को चुरा कर ले गई। इससे पहले वह दो बार पीड़ित परिवार के घर आ चुकी थी। पीड़ित परिवार के पास श्वेता का ना ता घर का पता था और न ही मोबाइल नंबर था। पुलिस शुक्रवार देर रात तक श्वेता से पूछताछ करने में लगी हुई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें