दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुकुल देवी पत्नी राजेश सिंह ममराज मोहल्ला, ईस्ट ऑफ कैलाश में रहती हैं। मुकुल देवी को 18 वर्ष बाद आईवीएफ से दो महीने पहले बच्चा हुआ था। बृहस्पतिवार शाम को बच्चा अचानक घर से गायब हो गया। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत अमर कॉलोनी थाने में की। इस बाबत शुक्रवार को अमर कॉलोनी थाने में मामला दर्ज किया गया।
एसीपी, कालकाजी प्रदीप कुमार की देखरेख में अमर कॉलोनी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने जांच के बाद कोटला मुबारकर पुलिस से श्वेता को शुक्रवार दोपहर को गिरफ्तार कर लिया। श्वेता बच्चे की पूजा कर रही थी। पूजा के बाद वह मानव बलि के नाम पर बच्चे की हत्या करती। हत्या के लिए उसने औजार भी जुटा लिए थे।
श्वेता अपनी मां के साथ रहती है। करीब पांच वर्ष पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। उसे किसी ने बताया कि बच्चे की बलि चढ़ाने से उसके पिता फिर से दुनिया में आ जाएंगे। इसके लिए उसने बच्चे की तलाश शुरू की। उसने इसके लिए सफदरजंग अस्पताल जाना शुरू किया। उसने साजिश के तहत मुकुल देवी से जान-पहचान कर ली। मुकुल देवी बच्चे को दिखाने सफदरजंग अस्पताल जाती थी। इसके लिए तहत उसने पीड़ित परिवार के घर आना-जाना शुरू कर दिया। वह गुरुवार को पीड़ित परिवार के घर गई और बच्चे को चुरा कर ले गई। इससे पहले वह दो बार पीड़ित परिवार के घर आ चुकी थी। पीड़ित परिवार के पास श्वेता का ना ता घर का पता था और न ही मोबाइल नंबर था। पुलिस शुक्रवार देर रात तक श्वेता से पूछताछ करने में लगी हुई थी।