पीड़िता शकूरपुर इलाके में रहती है। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि उसके घर के सामने मूलत: मधुबनी बिहार का रहने वाला एक युवक रहता था। वह मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता था। युवती का आरोप है कि आमने-सामने रहने के दौरान दोनों की जान पहचान हुई। एक दिन आरोपी उसके कमरे में आकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने शादी का आश्वासन दिया। उसके बाद दोनों सहमति संबंध में रहने लगे। इस दौरान वह गर्भवती हो गई।
आरोपी ने बहला फुसलाकर उसका गर्भपात करवा दिया। दूसरी बार गर्भवती होने पर वह शादी करने से आनाकानी करने लगा। पीड़िता ने आरोपी के पिता से बात की। उसके पिता ने फोन पर गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
8 जून को आरोपी कमरे पर आया और मारपीट करके चला गया। पीड़िता का आरोप है कि उसने पुलिस से शिकायत की। पुलिस उसे नेताजी सुभाष प्लेस थाने ले गई। लेकिन वहां उसकी बात नहीं सुनी गई। 11 जुलाई को उसने ट्विटर पर अपनी बात लिखकर थाने से जाने के दौरान का वीडियो अपलोड किया। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने युवती को ट्विटर पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
उत्तर पश्चिम जिला के आला अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता थाने पहुंची थी। उसकी शिकायत पर काउंसलर को बुलाया गया था। लेकिन काउंसलर के थाने पहुंचने से पहले पीड़िता थाने से चली गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवती की शिकायत को थाने की डायरी में दर्ज कर लिया गया था। पुलिस पीड़िता से संपर्क कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।