तमाम विवादों के बावजूद पाकिस्तान के मशहूर गजल गायक गुलाम अली आगामी 8 नवंबर को दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में परफॉर्म करेंगे। गुलाम अली ने दिल्ली सरकार के आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
कार्यक्रम को और भी भव्य और सफल बनाने के लिए सरकार ने गुलाम अली के साथ एआर रहमान से भी संपर्क साधा है। ऐसे में अगर रहमान की मंजूरी मिलती है तो गुलाम अली के बाद दिल्लीवाले रहमान के लाइव कंसर्ट का भी लुत्फ उठा सकेंगे।
बता दें हिंदुस्तानी गजल गायक जगजीत सिंह की स्मृति में 6 अक्टूबर को पुणे में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को शिवसेना के विरोध के कारण रद्द करना पड़ा था। इस विरोध के तुरंत बाद दिल्ली सरकार ने जगजीत सिंह को दिल्ली में आकर कार्यक्रम करने का न्यौता दिया था।
क्यों शिवसेना कर रही विरोध
दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने गुलाम अली को दिल्ली आकर अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करने का न्यौता भेजा। कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर शिवसेना की धमकी को दुखद बताते हुए मशहूर गायक और हर दिल अजीज गुलाम अली को अपना कॉन्सर्ट दिल्ली में करने को कहा था।
दिल्ली सरकार के इस निमंत्रण को गुलाम अली ने मंजूर कर लिया है। हालांकि पुणे में कार्यक्रम रद्द होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुलाम अली ने अपना शो किया जिसमें खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौजूद थे।
हालांकि, शिवसेना के इस विरोध को राजनीतिक हलकों में मुंबई नगर पालिका के लिए होने वाले चुनाव से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि इस चुनाव में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए शिवसेना एक बार फिर से पाकिस्तान विरोध का राग अलाप रही है।
गुलाम अली का दिल्ली में भी होगा विरोध
महाराष्ट्र में गुलाम अली के कार्यक्रम का विरोध करने के बाद अब शिवसेना ने धमकी दी है कि गुलाम अली के दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम का भी पार्टी विरोध करेगी।
इस बार ये धमकी शिवसेना के महाराष्ट्र से सांसद कृपाल बालाजी तुमने की ओर से आई है। बालाजी ने पीएम मोदी के दादरी और गुलाम अली पर दिए गए बयान पर भी हमला बोला।
शिवसेना सांसद ने कहा कि जब तक पाकिस्तानी आतंकवाद बढ़ता रहेगा और हमारे जवानों पर गोलियां चलाता रहेगा तब तक शिवसेना पाकिस्तान के लोगों के साथ इसी तरह का बर्ताव करती रहेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में गुलाम अली के कंसर्ट को रोकने के लिए शिवसेना के कार्यकर्ता काम करेंगे।