गाजियाबाद। भाजपा के पन्ना प्रमुखों को उप चुनाव में जीत का मंत्र देने के लिए आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 मिनट के भाषण में 20 मिनट सपा पर जमकर बरसे। उन्होंने तमाम घटनाओं का जिक्र करते हुए सपा को गुंडे, माफिया और दंगाइयों को संरक्षण देने वाली परिवारवादी पार्टी साबित करने की कोशिश की। खास बात यह रही कि एक बार भी बसपा का नाम तक नहीं लिया।
नेहरूनगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के मैदान पर आयोजित पन्ना प्रमुख सम्मेलन में सीएम की कोशिश दलित मतदाताओं को साधने की दिखी। इसके पीछे खास वजह है। सदर सीट पर सपा ने दलित कार्ड चलते हुए सिंहराज जाटव को उतारा है। सिंहराज उस लाइनपार क्षेत्र के निवासी हैं, जो विकास की दौड़ में सदर के बाकी हिस्सो से पिछड़ा बताया जाता है। सपा दलित-मुस्लिम समीकरण बनाती नजर आ रही है।
ऐसे में सीएम की कोशिश दलित मतदाताओं को सपा की ओर जाने से रोकने की दिखी। उन्होंने कहा कि 2003 से 2007 और 2012 से 2017 तक सपा का शासन रहा। इस दौरान प्रदेश में दलित उत्पीड़न की सबसे ज्यादा घटनाएं हुईं। सपा ने दलित महापुरुषों का अपमान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थों का निर्माण कराया।
कहा कि आईपीएस अधिकारी की नौकरी छोड़कर आए मंत्री असीम अरुण ने उन्हें बताया कि कन्नौज में सपा ने डाॅ. बीआर आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल काॅलेज का नाम बदल दिया है। असीम अरुण के प्रस्ताव पर उन्होंने फिर से नाम डाॅ. बीआर आंबेडकर के नाम पर किया।
बसपा का जिक्र न करने की एक और वजह मानी जा रही है। बसपा ने परमानंद गर्ग को टिकट देकर वैश्य कार्ड चला है। ऐसे में अगर सीएम बसपा पर फोकस करते तो परमानंद गर्ग को मजबूत स्थिति में माना जाता। इसका लाभ बसपा को भाजपा के वैश्य वर्ग के मतदाताओं में सेंध लगाने की मिल सकता था।
अपहरण की सोच मतलब
यमराज के घर दस्तक
(योगी के शब्दबाण)
00 सपा के शासन में न बहन-बेटियां सुरक्षित थीं और न व्यापारी। किसी भी जनपद का जो सबसे बड़ा गुंडा, माफिया और दंगाई होगा, उसका सपा से संबंध जरूर होगा।
00 आज बहन-बेटियां सुरक्षित हैं और व्यापारी भी। अगर कोई बदमाश अपहरण कर फिरौती वसूलने की सोच रहा है तो समझो कि वह यमराज के घर पर दस्तक दे रहा है।
00 2017 से पहले यूपी के लोगों के साथ पहचान का संकट था। आज यूपी के किसी व्यक्ति को देखकर बाहर के लोगों के चेहरे पर खुशी झलकती है।
00 चांद न दिखने पर ईद की तिथि बदलती है तो कोई विरोध नहीं करता, लेकिन हिंदू आस्था के पर्व कार्तिक गंगा मेले की वजह से चुनाव की तारीख बदली तो सपा ने विरोध किया।
00 राम मंदिर का निर्माण कराकर 500 साल से चली आ रही समस्या का समाधान किया। अयोध्या के दीपोत्सव से हर अयोध्यावासी जुड़ा है।
स्मार्ट सिटी बन चुका गाजियाबाद
(गिनाए विकास कार्य)
सीएम ने एक बार फिर कहा कि पहले वह जब गाजियाबाद आते थे तो यहां गंदगी होती थी, अराजकता थी, अपराध चरम पर था। आज बेटी और व्यापारी सुरक्षित हैं। आज यह सुंदरतम शहर है। स्मार्ट सिटी बन चुका है। यहां रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे, मेट्रो ट्रेन और हवाई अड्डा है। गाजियाबाद में एम्स का सेटेलाइट सेंटर बनाने का काम आगे बढ़ चुका है। इससे पूरे पश्चिम यूपी को स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। दूधेश्वरनाथ मंदिर काॅरिडोर का निर्माण भी जल्द होगा। सीएम योगी ने अपना भाषण दूधेश्वरनाथ को नमन करके ही शुरू किया। उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घोष भी किया। आखिर में जय श्रीराम और वंदेमातरम कहा।
मतदान के दिन आलस्य मत करना
(जीत का मंत्र)
सीएम ने पन्ना प्रमुखों से कहा कि मतदान के दिन आलस्य मत करना। मतदाताओं का बूथ तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए सबको टोली बनाकर काम करना होगा। सम्मेलन में काबीना मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप, राज्यमंत्री असीम अरुण, कपिल देव अग्रवाल, कुंवर ब्रिजेश सिंह, सांसद अतुल गर्ग, महापौर सुनीता दयाल, लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, महंत नारायण गिरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशौदिया, एमएलसी सुभाष यदुवंशी, धर्मेंद्र भारद्वाज, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, पूर्व मेयर अशु वर्मा, प्रत्याशी संजीव शर्मा और रालोद से राष्ट्रीय महाससचिव त्रिलोक त्यागी मौजूद रहे।