मुरादनगर विधानसभा के भोवापुर गांव में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों के साथ करीब 25 मिनट तक संवाद किया। कोरोना वायरस से मुक्त गांव में उन्होंने एक-एक कर सभी से सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि कोरोना की जांच कहां होती है, ग्रामीणों ने कहा कि दिव्यांग, बुजुर्ग, महिलाओं व अन्य को जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इस पर सीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित कराएं की दिव्यांग और बुजुर्गों की जांच ग्रामीण स्तर पर ही विशेष कैंप लगाकर की जाए।
मुख्यमंत्री के साथ हुए संवाद में प्रधान सुनील कुमार ने बताया कि गांव में अभी तक 330 लोगों ने कोरोना की जांच कराई है लेकिन किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। गांव पूरी तरह से सुरक्षित है और सभी लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं। इस मौके पर कुछ ग्रामीणों ने पानी की निकासी का मुद्दा भी उठाया जिस पर सीएम ने तत्काल डीएम को निर्देश दिया कि कि वह सुनिश्चित कराएं कि गांव का दूषित पानी तालाब में नहीं जाना चाहिए। उसकी व्यवस्था अलग से की जाए। इसके साथ ही सीएम ने निर्देश दिया कि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सारी सुविधाएं मिलें, इसके लिए जिला प्रशासन हर गांव में जन सुविधा केंद्र खुलवाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में सभी की सहभागिता जरूरी है। अगर हम सभी 2 गज की दूरी और मास्क अनिवार्य तौर पर पहनेंगे तो कोरोना को हरा पाएंगे। सीएम ने कहा कि यूपी में कोरोना संक्रमण की दर में गिरावट आई है जो अच्छा संकेत है लेकिन यह भी स्पष्ट है कि कोरोना के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी होगी।
संवाद में पहुंचे 20 ग्रामीण
कोरोना पर चर्चा करने के लिए गांव के 20 लोगों को चुना गया। जिसमें निगरानी समिति के 8 सदस्यों के साथ ही वर्तमान और पूर्व प्रधान व गांव के अन्य व्यक्ति भी शामिल रहे। इनमें स्वास्थ्य विभाग के वो लोग भी शामिल थे जिन्होंने संदिग्ध मरीजों को दवाई की किट बांटी।
रातोंरात चमकाया गया भोवापुर गांव
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले नया केवल पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया बल्कि चंद घंटों में गांव की तस्वीर ही बदल गई। दिल्ली मेरठ मार्ग से भोवापुर गांव तक सड़क को पूरी तरह से साफ किया गया दोनों तरफ कली की पट्टी बनाई गई। इतना ही नहीं गांव के रास्ते में पड़ने वाले तालाब को भी हुक्मरानों ने रातों-रात हरी पट्टी से कवर कर दिया। गांव की सड़क टूटी हुई थी उसे भी रातोंरात बनाया गया।
अच्छी तस्वीर दिखाने के लिए चुना भोवापुर
मुख्यमंत्री के दौरे के लिए भोवापुर गांव को चुने जाने की पीछे एक अहम वजह रही। इस गांव में कोई भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं था। 2265 मतदाताओं वाले गांव में 330 संदिग्ध मरीजों की जांच भी कराई गई लेकिन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आए। ऐसे में प्रशासन के पास भोवापुर एक सफल मॉडल के तौर पर दिखाने के लिए सबसे बेहतर था। इसके सहारे प्रशासन ने दिखाने की कोशिश की कि जिले में कोरोना के खिलाफ अच्छे से काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री के साथ कोरोना की स्थिति और गांव की स्थानीय समस्याओं पर चर्चा हुई। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक गांव में जनसुविधा केंद्र खोले जाने और बुजुर्ग व दिव्यांगों की कोरोना जांच ग्रामीण स्तर पर ही कराने के निर्देश दिए।
- सुनील कुमार, प्रधान
कोरोना के साथ स्थानीय समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा की। गांव में गंदे पानी की निकासी की समस्या थी, जिसे सीएम ने जिलाधिकारी को निस्तारित कराने के लिए भी कहा। सीएम ने कोरोना गाइडलाइन का भी अनिवार्य तौर पर पालन करने को कहा, जिसमें निगरानी समितियों की अहम भूमिका बताई।
- रेखा देवी, पूर्व प्रधान