नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह ने ठेका दिए जाने की एवज में एक फर्म से रिश्वत की रकम अपनी पत्नी कुसुमलता के बैंक एकाउंट में मंगाई थी। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में इस बात का जिक्र किया है।
चार्जशीट में बताया गया है कि अंडरग्राउंड केबल का यह वो ठेका था, जिसका काम ठेका छोड़ने से पूर्व ही शुरू हो चुका था। दूसरी ओर सीबीआई की इस चार्जशीट पर विशेष न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को भी संज्ञान नहीं लिया है।
फिलहाल चार्जशीट के दस्तावेजों को इंडेक्स किए जाने का काम चल रहा है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में अंडरग्राउंड केबल के तीन ठेकों का जिक्र है। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है कि यह वो ठेके हैं, जिनका काम पहले ही शुरू हो चुका था।
सिर्फ औपचारिकता भर पूरी करने को ठेका छोड़ा गया। सीबीआई ने अपनी जांच में यह भी पाया है कि ठेका देने की एवज में यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता के बैंक एकाउंट में 50 लाख रुपये की रकम बतौर रिश्वत जमा कराई गई।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि बैंक एकाउंट में हुए लेनदेन के चलते ही कुसुमलता को चार्जशीट में आईपीसी-109 एबेटमेंट का आरोपी बनाया गया।