गाजियाबाद। जीडीए अब अपने कर्मचारियों को खाली बैठे वेतन नहीं देगा। कर्मचारियों को 100 दिन की कार्ययोजना तैयार कर जीडीए वीसी को देनी होगी। इसमें बताना होगा कि वो विभाग का कौन सा काम करेंगे और कितना रेवेन्यू बढ़ाएंगे। इस संबंध में जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने सभी अनुभागों के अध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
नए प्रयोग करने को लेकर चर्चित आईएएस अफसर कंचन वर्मा ने जीडीए की कमान संभालने के बाद यहां भी प्रयोग शुरू कर दिया है। फैसले के पीछे उनकी मंशा कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना और विभाग को घाटे से उबारने की है।
जीडीए में 1200 अफसरों व कर्मचारियों का स्टाफ है। बावजूद इसके हर विभाग में काम लंबित हैं। खासतौर से वसूली के मामले में जीडीए पिछड़ा हुआ है। करीब 450 करोड़ रुपया जीडीए को वसूलना है लेकिन वसूली नहीं हो रही।
बीते दिनों जीडीए के चेयरमैन व मेरठ मंडलायुक्त प्रभात कुमार ने भी वीसी समेत तमाम अफसरों की बैठक में इनकम बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अब इसी का असर है कि जीडीए वीसी ने सभी कर्मचारियों से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जीडीए वीसी कंचन वर्मा का कहना है कि सभी विभागों के कर्मचारियों-अफसरों की कार्ययोजना प्राप्त हो जाने के बाद उस पर काम शुरू कराया जाएगा। फोकस अफसरों-कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर रहेगा।