खोडा थाना पुलिस ने पति अंशुल की हत्यारोपी पत्नी व उसका साथी को किया गिरफतार। संवाद
खोड़ा। थाना क्षेत्र में शनिवार शाम को हुई सिलाई कारीगर की गोली मारकर हत्या का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने महज 12 घंटे के अंदर अंशुल की पत्नी और उसके प्रेमी जीजा को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पिछले दो साल से संबंध थे। पति को रास्ते से हटाने के लिए ही यह साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयोग हुआ तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। मूलरूप से लखीमपुर खीरी के उदयपुर गांव के रहने वाले सिलाई कारीगर अंशुल का गोली लगा शव शनिवार शाम को खोड़ा में एक किराये के कमरे में मिला था। घटना के समय पत्नी निशा ने दावा किया था कि जब वह काम से लौटी तब कारीगर का शव बिस्तर पर उल्टा पड़ा मिला। दंपती के साथ उसका मौसेरा जीजा पप्पू भी उसी कमरे में रहता था। पप्पू दोपहर के वक्त खाने के लिए कमरे पर आया था। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि संदेह के आधार पर पप्पू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने अपना जुर्म कबूला। इस मामले में कारीगर की सगी बहन की तहरीर पर पप्पू और पत्नी निशा दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दंपती ने पहले भागकर शादी की थी। उनके दो बच्चे गांव में दादी के पास रहते हैं।
प्रेम संबंधों के चलते रची साजिश
पप्पू ने पुलिस को बताया कि उसके और निशा के बीच दो साल से प्रेम संबंध थे। कारीगर को इसकी जानकारी हो चुकी थी। वह कई बार परिवार के लोगों से इसकी शिकायत भी कर चुका था। घटना से आठ दिन पहले बहन ने फोन कर तीनों को समझाया था। पूछताछ के दौरान जब पप्पू ने महिला के साथ भागने की बात कही, तो आरोपी महिला ने कहा कि पति उसे गोली मार देगा। इसी डर और अंशुल को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
छुट्टी के दिन की हत्या
कारीगर ने कमरा बदलने और पप्पू से अलग रहने का फैसला कर लिया था। इसी सप्ताह उनका सामान भी शिफ्ट होना था। शनिवार को अंशुल को कंपनी से छुट्टी मिली थी, इसलिए वह घर पर ही रुका हुआ था। निशा और पप्पू सुबह अपने काम पर चले गए थे। दोपहर करीब एक बजे पप्पू अकेले कमरे पर लौट आया। उस समय अंशुल सो रहा था, जिसका फायदा उठाकर पप्पू ने उसकी पीठ से तमंचा सटाकर गोली मार दी। इसके बाद वह बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गया। वहीं, किसी को उनपर शक न हो इसके लिए उन्होंने मकान मालिक का 10 महीने का 35 हजार रुपये का किराया नहीं दिया था। पत्नी ने पुलिस को शुरू में मकान मालिक पर ही पैसे नहीं देने पर हत्या करने का शक जाहिर किया था।
झूठी कहानी और तमंचे की बरामदगी
वारदात के बाद पप्पू ने तमंचे से खोखा कारतूस बाहर निकाला और उसे बिस्तर पर ही छोड़कर भाग गया। उसे लगा था कि गोली चलने के बाद खोखा अपने आप बाहर आ जाता है। मौके पर पहुंची पुलिस ने खोखा देखकर समझा कि घटना में किसी करीबी का हाथ है। पप्पू ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा पास के नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने चुंबक की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद उसे बरामद कर लिया। शाम करीब छह बजे निशा काम से घर लौटी और रोने का नाटक किया। पुलिस के मुताबिक, उसकी आंखों से एक भी आंसू नहीं निकल रहा था, जिससे आसपास के लोगों का शक उस पर गहरा गया।