गाजियाबाद। कविनगर के महेंद्र एंक्लेव में प्रेमी युगल ने एक ही दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों किराए पर रहते थे। कमरे में उनके शव लटके मिले। दोनों एक ही परिवार के थे। उनके बीच चचेरे भाई-बहन का रिश्ता था। मौके पर तीन पेज का सुसाइड नोट भी मिला। इसमें लिखा है, हम चोर नहीं हैं, जो हमें इतना परेशान किया जा रहा है। हम साथ जी नहीं सकते पर एक साथ मर तो सकते हैं।
फर्रुखाबाद के अलापुर गांव के निवासी पीयूष (21) और निशा (18) ने घर से भागकर 18 फरवरी को शादी की थी। इसके बाद से महिंद्रा एंक्लेव में किराये पर रह रहे थे। एसीपी कविनगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर चार बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। इस पर पड़ोसियों का माथा ठनका।
उन्होंने रोशनदान से झांककर देखा तो सन्न रह गए। गाटर से दुपट्टे का फंदा बनाकर लगाया गया था। इसी दुपट्टे से दोनों के शव लटके हुए थे। कमरे से 31.5 हजार रुपये मिले हैं। एसीपी का कहना है कि शव देखकर लग रहा था कि आत्महत्या काफी पहले की गई। हो सकता है कि सोमवार की रात में की गई हो।
युवती के परिजनों ने दी थी हत्या की धमकी : कमरे में दोनों के मोबाइल भी बरामद हुए हैं। पीयूष के मोबाइल पर निशा के पिता की धमकी भरी कॉल की रिकार्डिंग मिली हैं। इससे पता चला कि उन्होंने धमकी दी थी। कहा था, मेरे तीन बेटों में एक तुम दोनों की हत्या करके जेल भी चला जाएगा तो किसी को कोई मलाल नहीं होगा। पुलिस के बताया कि निशा के पिता ने अपने क्षेत्र के ही थाने में पीयूष पर नाबालिग बेटी को भगा ले जाने का आरोप लगा तहरीर दी थी। इसमें निशा पर लाखों की नकदी और आभूषण चोरी कर ले जाने का आरोप है। कमरे में पीयूष के बीएड के प्रमाण पत्र मिले हैं जबकि निशा के शैक्षिक प्रमाण पत्रों से पता चला है कि छह माह पूर्व ही वह 18 वर्ष की हो चुकी थी।
निशा का फाइल फोटो
निशा का फाइल फोटो