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Ghaziabad News: दूधेश्वरनाथ मंदिर में आज सुबह छह बजे से चढ़ेगा हाजिरी का जल

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सजाया गया श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर। संवाद
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गाजियाबाद। दूधेश्वरनाथ मंदिर में इस बार हाजिरी का जल रात के बजाय रविवार सुबह छह बजे से चढ़ाया जाएगा। कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें सहूलियत देने के लिए मंदिर प्रबंधन ने यह बदलाव किया है। सावन के दूसरे सोमवार और मंगलवार को श्रावण शिवरात्रि पर भी पूरे दिन जलाभिषेक होगा। तीनों दिन मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहेंगे। हालांकि, शृंगार और साफ-सफाई के लिए बीच में कुछ समय को जलाभिषेक रोका जाएगा।
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मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि हर वर्ष हाजिरी का जल रात से चढ़ना शुरू होता था। इस बार कांवड़ियों की सुविधा को देखते हुए सुबह छह बजे से इसकी शुरुआत की जा रही है। सोमवार और शिवरात्रि पर आम भक्तों की भी बड़ी संख्या में भीड़ जुटेगी। ऐसे में कांवड़ियों के लिए पहले से ही अलग व्यवस्था की गई है। भीड़ अधिक होने पर पहले कांवड़ियों का जलाभिषेक कराया जाएगा, इसके बाद अन्य श्रद्धालुओं को मौका मिलेगा।
महंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर परिसर में लगे 32 कैमरों के साथ 200 से अधिक वालंटियर तैनात रहेंगे। मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की कतार के लिए बैरिकेडिंग भी कर दी गई है।
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आठो प्रहर होगा विशेष पूजन और अभिषेक
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नौ अगस्त को हाजिरी का जल सुबह छह बजे से पूरे दिन चढ़ेगा। 10 अगस्त को त्रयोदशी-प्रदोष का जल सुबह आठ बजे से पूरे दिन चढ़ाया जाएगा। 11 अगस्त को चतुर्दशी और श्रावण शिवरात्रि पर सुबह छह बजे से पूरे दिन मंत्रोच्चारण के साथ जलाभिषेक होगा। शिवरात्रि के सभी धार्मिक अनुष्ठान होंगे। भगवान दूधेश्वर का आठों प्रहर विशेष पूजन और अभिषेक भी किया जाएगा। शिवरात्रि पर शाम 7:30 से आठ बजे तक प्राचीन देवी मंदिर द्वारकापुरी, दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज की ओर से भगवान दूधेश्वर की विशेष धूप-दीप आरती की जाएगी।

स्वयंभू शिव मंदिर में सोमवार को चढ़ेगा हाजिरी का जल
कविनगर स्वयंभू शिव मंदिर के पुजारी आलोक मिश्रा ने बताया कि मंदिर में हाजिरी का जल सोमवार को चढ़ाया जाएगा। यहां कांवड़ियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। मंगलवार को भी शिवरात्रि पर पूरे दिन जलाभिषेक होगा।

कब कौन-सी तिथि
पंडित श्रवण कुमार के अनुसार एकादशी शनिवार दोपहर 1:51 बजे शुरू हुई और रविवार शाम 4:05 बजे तक रहेगी। इसके बाद सोमवार को द्वादशी सुबह आठ बजे तक रहेगी और फिर त्रयोदशी शुरू होकर मंगलवार सुबह 4:54 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी शुरू होगी, जिसमें शिवरात्रि का जल चढ़ाया जाता है। चतुर्दशी 12 अगस्त बुधवार दोपहर 1:52 बजे तक रहेगी। 11 अगस्त को सुबह भद्रा होने के कारण कांवड़ जलाभिषेक का शुभ समय दोपहर 3:25 बजे के बाद बताया गया है।
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