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Ghaziabad News: घरों में घुसा पानी, एनडीआरएफ ने रेस्क्यू कर 30 लोगों को निकाला

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लोनी में डूब क्षेत्र में बाढ़ आने के बाद डूबे मकान। संवाद
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लोनी। यमुना नदी के डूब क्षेत्र में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। इसके बाद भी कुछ परिवारों के लोग चोरी के डर से घरों को नहीं छोड़ रहे। प्रशासन की टीम दो दिनों से ऐसे लोगों को मनाने में जुटी है। बृहस्पतिवार को एनडीआरएफ की टीम ने ऐसे करीब 30 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला है। अभी करीब 12 घरों में एक-एक सदस्य अपनी जान पर खेल कर रह रहा है। कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
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लोनी एसडीएम दीपक कुमार ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने पर लोनी के डूब क्षेत्रों में पानी भरा है। एनडीआरएफ समेत अन्य टीमें बदरपुर समेत आसपास के गांवों में रह रहे लोगों को बाहर निकाल रही हैं। डूब क्षेत्र में रह रहे लोगों को बाहर निकालकर राहत शिविरों में जाने के लिए कहा गया है। हालांकि कई लोग शिविरों में जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि वह पुश्ता के ऊपर ही रहना चाहते हैं। प्रशासन की टीम ने ऐसे लोगों के लिए शिविर लगाए हैं। इन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगातार शिविर में रह रहे लोगों की देखभाल कर रही है। लोगों के लिए दवाइयां भी उपलब्ध कराई हैं।
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उन्होंने अपर जिलाधिकारी सौरभ भट्ट के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया है। आबादी वाले गांवों के लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। एसडीएम ने बताया कि शाम के समय पानी घटने की जानकारी मिली है। जल्द पानी का लेवल नीचे पहुंच जाएगा।

सुबह पानी का लेबल 211,75 था
पहाड़ों में हो रही बारिश और हथनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी का जलस्तर 211.75 मीटर से ऊपर बना हुआ है। आपदा से बचाव के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार तटबंध का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावितों के लिए 12 शरण स्थल बनाकर भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की है।

पशुओं के चारे की समस्या बनी
पचायरा गांव के नंदलाल ने बताया कि पानी आने के बाद उनके साथ ही 40 अन्य परिवारों के लोग ऊपर पुश्ता पर आकर रह रहे हैं। बाढ़ का पानी भरने से 20 लाख रुपये से ऊपर का नुकसान हो गया है। प्रशासन ने परिवारों को खाने और पानी की व्यवस्था की जा रही है लेकिन उनके पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है।
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