डिजिटल इंडिया की राह पर चलते हुए वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव हाईटेक होगा। एक ओर चुनाव से जुड़ी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है, वहीं मतदाताओं की समस्या का समाधान करने के लिए उन्हें चार एप दिए गए हैं, जिसका फायदा वोटर को मिलेगा।ऑनलाइन प्रक्रिया की सुविधा न केवल राजनीतिक पार्टियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मिली है, बल्कि वोटर को भी इससे जोड़ा गया है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के साथ स्मार्टफोन के प्ले स्टोर से भी इन एप को डाउनलोड किया जा सकता है। सीडीओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि विधानसभा चुनाव की सारी व्यवस्था डिजिटल कर दी गई है। मतदाता सूची में नाम से लेकर बूथ लोकेशन और बूथ लेवल ऑफिसर सबकी जानकारी इनसे मिलेगी। इनके नाम-नंबर भी आपको एप में मिलेंगे।
वोटर मोबाइल एप डाउनलोड कर चुनाव प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि आयोग ने 10 एप लांच किए हैं, जिनमेें से चार एप मतदाताओं के लिए हैं। ईआरएमएस एप का प्रयोग मतदाता सूची में नाम जुड़वाने केलिए, नाम कटवाने लिए और 5 जनवरी को मतदाता सूची जारी होने के बाद नाम या पते में गड़बड़ी को ठीक कराने के आवेदन के लिए किया जा सकता है।
एएमएफ एप के जरिए मतदाता को अपने बूथ पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी मिलेगी। अन्य दो मोबाइल एप पर बूथ लेवल ऑफिसर का नाम और नंबर दर्ज होगा। चुनाव से संबंधित नियम और कानून की भी जानकारी लोग एप से जान सकेंगे।
ये हैं एप
- इलेक्ट्रोल रोल मैनेजमेंट एक्टिविटी सिस्टम (ईआरएमएस)
- कैप्चरिंग दी श्योर मिनिमम फैसिलिटी ऑफ पोलिंग स्टेशन (एएमएफ)
- पोलिंग स्टेशन स्टेटिक्स
- लॉ एंड ऑर्डर मॉनीटरिंग
साइट पर सीधे कर सकेंगे शिकायत
विधान सभा चुनाव की तैयारियों के दौरान या फिर किसी भी तरह की असुविधा होने पर आम जनता चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर उसकी ऑनलाइन शिकायत कर सकती है। उनकी शिकायत आयोग द्वारा संबंधित क्षेत्र के आरओ को भेजी जाएगी, जो समाधान निकालेगा। लोग अपनी शिकायत का स्टेटस भी ऑनलाइन देख सकेंगे।