बुलंदशहर। सरकारी यूरिया की कालाबाजारी में शामिल 25 हजार के इनामी पीसीएफ के सहायक लेखाकार यश राघव ने मंगलवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यश राघव को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी। इसके बाद उसने आत्मसमर्पण किया। वहीं, यश के सगे भाई 25 हजार के इनामी भंडार नायक हरेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर लगातार अमर उजाला खबरें प्रकाशित कर रहा था।
यश राघव ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके माध्यम से हाईकोर्ट को अवगत कराया था कि उसे इस मामले में षडयंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने सोमवार को दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया। यश राघव पुलिस को चकमा देकर मंगलवार एसीजेएम प्रथम की अदालत में अपने वकील के साथ पहुंचा और आत्मसमर्पण किया।
मामले के दूसरे आरोपी भंडार नायक हरेंद्र प्रताप सिंह की अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यश राघव व हरेंद्र प्रताप सिंह पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, डीएम कुमार हर्ष ने सरकारी यूरिया की कालाबाजारी के मुख्य तस्कर मो. हारून के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की है। माना जा रहा है कि अन्य आरोपियों पर भी जल्द रासुका लग सकती है।
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने 10 मई को अनूपशहर गंगा पुल के पास तीन ट्रकों से 1575 सरकारी कट्टे यूरिया के पकड़े थे। इसे कालाबाजारी के लिए संभल व रामपुर ले जाया जा रहा था। तीनों ट्रक चालक और मो. हारून को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। मो. हारून के मोबाइल फोन से यूरिया की एवज में पीसीएफ के कर्मचारियों को दी गई रकम से संबंधित दस्तावेज भी प्राप्त हुए।
जिला कृषि अधिकारी की शिकायत पर अनूपशहर थाना पुलिस ने आरोपी तस्कर के अलावा पीसीएफ के जिला प्रबंधक दिव्यांशु वर्मा, भंडार नायक हरेंद्र प्रताप सिंह, रावेंद्र और सहायक लेखाकार यश राघव के साथ तीन ट्रक चालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर दो ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इनमें आरोपी तस्कर मो. हारून, पीसीएफ के जिला प्रबंधक दिव्यांशु वर्मा व भंडार नायक रावेंद्र समेत आठ लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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कोट
यूरिया की कालाबाजारी में शामिल 25 हजार के इनामी पीसीएफ के सहायक लेखाकार यश राघव ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। वहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वहीं, मामले में फरार चल रहे नामजद भंडार नायक हरेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - विकास प्रताप चौहान, सीओ अनूपशहर