मेरठ रोड स्थित डीपीएसजी स्कूल में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का समय बढ़ाने के फैसले पर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। करीब 400 अभिभावकों ने स्कूल गेट पर प्रदर्शन कर निर्णय वापस लेने की मांग की। आठ घंटे तक चले विरोध के बाद भी स्कूल प्रबंधन अपने निर्णय पर अड़ा रहा।
आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने विरोध कर रहे अभिभावकों से बच्चों की टीसी वापस लेने की बात कही। पुलिस व डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा भी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रबंधन नहीं माना। अंत में अभिभावकों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा।
अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का समय सुबह 8:30 से दोपहर 3:30 बजे तक कर दिया है। पहले स्कूल का समय सुबह 8:30 से दोपहर 2:30 बजे तक था। एक घंटा बढ़ाए जाने से कई अभिभावक नाराज हो गए।
इस बदलाव के विरोध में सुबह करीब 10 बजे अभिभावक स्कूल गेट पर एकत्र हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद अभिभावकों ने सड़क जाम कर दी। इससे यातायात प्रभावित हो गया। स्कूल प्रबंधन ने सिहानी गेट कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और बाद में एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
वार्ता बेनतीजा, प्रबंधन फैसले पर अड़ा
पुलिस की पहल पर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच वार्ता कराई गई। पहले प्रबंधन ने तीन दिन का समय मांगा, ताकि बोर्ड के सदस्यों तक बात को पहुंचाया जा सके। इस पर अभिभावकों ने तब तक छुट्टी या ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की मांग रख दी। मामला बढ़ने पर एसीपी ने उच्चाधिकारियों के माध्यम से डीआईओएस को मौके पर बुलवाया। उनकी मौजूदगी में प्रबंधन ने समय में बदलाव वापस लेने से इनकार कर दिया।
अभिभावक बोले, बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को सुबह 7:30 बजे बस ले जाएगी और शाम 4:30 बजे तक घर पहुंचेंगे। ऐसे में वह करीब नौ घंटे तक घर से बाहर रहेंगे। इससे उनके स्वास्थ्य और खानपान पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीएसई के नियमों के अनुसार, छोटे बच्चों का स्कूल समय सीमित होना चाहिए। इसके बावजूद प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है।
प्रबंधन का पक्ष, बच्चों के विकास के लिए फैसला
विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रीति वासन ने कहा कि समय बढ़ाने का निर्णय बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे उन्हें अतिरिक्त गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा और मानसिक, शारीरिक व सामाजिक विकास होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय वापस नहीं लिया जाएगा। अगर कोई अभिभावक टीसी चाहता है तो वह पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकता है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि मामला सीबीएसई से जुड़ा है। इस संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता की गई है। जांच के बाद उनके निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।